पंकज मिश्रा, चाकुलिया: youngest Mukhiya of Jharkhand मुखिया शब्द मन में आते ही किसी भारी-भरकम कद काठी वाले इंसान अथवा उम्रदराज व्यक्ति का ख्याल जेहन में आता है। लेकिन यहां तो कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ही झारखंड की सबसे कम उम्र की मुखिया बन गई हैं। वह भी उसने उसी कॉलेज(घाटशिला कॉलेज) परिसर में बने मतगणना केंद्र से मुखिया बनने का प्रमाण पत्र हासिल किया, जहां वह इन दिनों पढ़ाई कर रही हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं धालभूमगढ़ प्रखंड के चुकरीपाड़ा पंचायत की नवनिर्वाचित मुखिया ममता मुंडा की। रविवार को चुकरीपाड़ा पंचायत का मतगणना समाप्त होने के बाद जब 22 वर्षीय ममता मुंडा को मुखिया निर्वाचित घोषित किया गया तो वहां मौजूद लोग चौक उठे। अपने प्रतिद्वंदी सलमा हांसदा को 1376 वोट से हराया। 2023 वोट ममता ने पाया है।

कम उम्र के कारण प्रमाण पत्र लेने से ममता को रोक दिया, जब सच्चाई जानी तो दिया प्रमाण पत्र

आलम यह रहा कि जब प्रमाण पत्र लेने ममता मतगणना कक्ष की ओर जा रही थी तो प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि छात्रा जैसी लग रही यह लड़की मुखिया बन चुकी है। प्रवेश पत्र आदि दिखाने पर उन्हें भीतर जाने दिया गया। निर्वाचन पदाधिकारी से प्रमाण पत्र लेकर जब वह बाहर निकली तो सबकी निगाहें उन पर टिक गई। ममता ने दैनिक जागरण को बताया कि फिलहाल वे घाटशिला कॉलेज में हिंदी विषय में पीजी की पढ़ाई कर रही हैं। मुखिया बनने के बाद पंचायत का विकास करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। यह पूछने पर कि वे अपने पंचायत का विकास कैसे करेंगी, ममता ने कहा कि आम जनता की राय लेकर विकास का खाका वे खिचेंगी। बातचीत के क्रम में यह बात भी सामने आई कि ममता के बड़े भाई मनसाराम मुंडा भी पहले चुकरीपाड़ा पंचायत के मुखिया रह चुके हैं।

Edited By: Sanam Singh