यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Foundation Day: वृहद झारखंड का सपना अधूरा : बेसरा
आजसू के संस्थापक व झारखंड पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा ने झारखंड राज्य के 20वें स्थापना दिवस सह ...और पढ़ें

जमशेदपुर (जागरण संवाददाता) । आजसू के संस्थापक व झारखंड पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा ने झारखंड राज्य के 20वें स्थापना दिवस सह बिरसा मुंडा की 145वीं जयंती पर" परिकल्पित झारखंड राज्य " के पुनर्गठन के लिए उलगुलान का संकल्प लिया। बेसरा ने रविवार को कहा कि " परिकल्पित झारखंड राज्य " का तात्पर्य वर्तमान झारखंड राज्य केवल बिहार राज्य से "छोटानागपुर और संतालपरगना " का अलग होना नहीं था।
अब भी पश्चिम बंगाल के मिदनापुर, पुरुलिया व बांकुड़ा और ओडिशा राज्य के मयूरभंज, क्योंझर, संबलपुर व सुंदरगढ़ तथा छत्तीसगढ़ के सरगुजा व रायगढ़ जिले वृहद झारखंड से अलग हैं। यह परिकल्पित झाड़खंड राज्य चार राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों को मिलाकर बनेगा, जो झारखंडी जातीयता अर्थात सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एकरूपता एवं अविभाज्य भौगोलिक क्षेत्रों से रेखांकित है।
पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि 1989 में ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के उग्र आंदोलन के परिणामस्वरूप "झारखंड वार्ता " हुई थी। उसके बाद तत्कालीन भारत सरकार ने " झारखंड विषयक समिति " गठित की थी। उक्त रिपोर्ट में परिकल्पित झारखंड क्षेत्रों को एक ही सांस्कृतिक इकाई माना गया है।
मार्च में होगा उलगुलान
बेसरा ने कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए कहा है कि 2021 में 3 मार्च को दिल्ली चलो का आह्वान किया गया है , जहां "वृहद झारखंड राज्य पुनर्गठन " के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को अल्टीमेटम के साथ ज्ञापन दिया जाएगा। बेसरा ने ऐलान कर दिया है कि अगले साल 2021 का वर्ष संघर्ष का वर्ष रहेगा। उन्होंने कहा है कि अप्रैल में परिकल्पित झारखंड क्षेत्रों के सभी प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन होगा, जबकि मई में रेल रोको- रास्ता रोको एवं जून में झारखंड मे अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी का कार्यक्रम होगा।
परिकल्पित झाड़खंड के लिए उलगुलान
* 2021 मार्च मे दिल्ली चलो
* 2021 अप्रैल में धरना प्रदर्शन
* 2021 मई में रेल-रास्ता रोको
* 2012 जून में आर्थिक नाकेबंदी