पेपर लीक संगठित अपराध, रसूखदारों को मिल रहा संरक्षण: NEET रद होने पर झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा हमला
झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने नीट परीक्षा रद्द होने को परीक्षा तंत्र और केंद्र सरकार ...और पढ़ें

डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी़, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री झारखंड
HighLights
नीट पेपर लीक परीक्षा तंत्र, केंद्र सरकार की विफलता।
शिक्षा मंत्री को हटाने, NTA भंग करने की मांग।
छात्रों को 12 हजार करोड़ का आर्थिक, मानसिक नुकसान।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नीट (NEET) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण इसे रद किया जाना सीधे तौर पर परीक्षा तंत्र और केंद्र सरकार की विफलता को दर्शाता है। यह तीखी प्रतिक्रिया झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने व्यक्त की है।
शिक्षा मंत्री को कैबिनेट से हटाने और NTA को भंग करने की मांग
छात्रों के डूबे 12 हजार करोड़, मानसिक प्रताड़ना का भी जिक्र
डॉ. षड़ंगी ने परीक्षा रद्द होने से छात्रों को होने वाले आर्थिक और मानसिक नुकसान का पूरा गणित सामने रखा। उन्होंने कहा:
- आर्थिक नुकसान: परीक्षा की तैयारी, कोचिंग, फॉर्म, यात्रा और ठहरने आदि में प्रति छात्र कम से कम 50 हजार रुपये का खर्च आता है। इस लिहाज से देश के 23 लाख छात्रों के कुल 12 हजार करोड़ रुपये पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं।
- मानसिक प्रताड़ना: इस विफलता का मनोवैज्ञानिक असर बेहद घातक है। छात्र और उनके परिवार इस कदर मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं कि कई बार युवाओं में आत्महत्या तक की नौबत आ जाती है।
