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20 का प्रेमी और 27 साल की प्रेमिका; हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में मर्डर, पानी खरीदने पर पकड़ा गया आरोपी

Published: Wed, 01 Jul 2026 08:07 PM (IST)

हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में एक तलाकशुदा महिला की हत्या के मामले में रेल पुलिस ने 20 वर्षीय प्रेमी कुमार ऋषभ को ...और पढ़ें

टाटानगर स्‍टेशन पर प्रेस वार्ता में जानकारी देते आरपीएफ अधिकारी व पीछे खड़ा अपराधी।

टाटानगर स्‍टेशन पर प्रेस वार्ता में जानकारी देते आरपीएफ अधिकारी व पीछे खड़ा अपराधी।

HighLights

  1. तलाकशुदा महिला की ट्रेन में हत्या का मामला।

  2. 20 वर्षीय प्रेमी कुमार ऋषभ गिरफ्तार हुआ।

  3. यूपीआई पेमेंट से पुलिस को मिला सुराग।

जासं, जमशेदपुर। हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस (18602) में बीते दिनों घायल अवस्था में मिली एक तलाकशुदा महिला की मौत के मामले में रेल पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। 
 
प्रेम, धोखा और बेरहमी से कत्ल की इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतका का 20 वर्षीय प्रेमी कुमार ऋषभ है, जो रांची के मारवाड़ी कॉलेज में बीसीए (BCA) का छात्र है। 
 
शादी का दबाव बनाने पर प्रेमिका (27) को मौत के घाट उतारने वाला यह शातिर आरोपी सब कुछ बेहद प्लानिंग के साथ कर रहा था, लेकिन स्टेशन पर ऑनलाइन (UPI) पेमेंट कर पानी की बोतल खरीदने की उसकी एक छोटी सी भूल ने पुलिस को उस तक पहुंचा दिया और टाटानगर रेल पुलिस व आरपीएफ ने ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत उसे धर दबोचा।
 

अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी मौत  

घटनाक्रम के अनुसार, गत 6 जून को हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में एक महिला यात्री लहूलुहान और अचेत अवस्था में मिली थी। महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी और उसके कान से खून बह रहा था। 
 
जीआरपी ने उसे तत्काल जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल में भर्ती कराया। करीब 10 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के दौरान महिला न तो बयान देने की स्थिति में थी और न ही कोई उसका सुराग लेने अस्पताल पहुंचा था। 
 
अंततः 15 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मारपीट का यह मामला एक 'ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री' में तब्दील हो गया और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
 

शादी का दबाव बनाने पर रची साजिश   

जांच के बाद मृतका की पहचान रांची के बरियातू निवासी के रूप में हुई, जो तलाकशुदा थी। वहीं, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत राजेपुर थाना क्षेत्र के कुमार ऋषभ (20 वर्ष) के रूप में की गई है। 
 
ऋषभ फिलहाल रांची के प्रतिष्ठित मारवाड़ी कॉलेज से बीसीए (BCA) की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पहले महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया और करीब एक महीने तक उसके साथ अवैध संबंध बनाए रखा। 
 
जब महिला ने उस पर सामाजिक रूप से शादी करने का दबाव बनाना शुरू किया, तो ऋषभ ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और धोखे से ट्रेन में बैठा दिया।


रात के वक्त जब ट्रेन टाटानगर स्टेशन के नजदीक पहुंची, तो ऋषभ ने प्रेमिका को समझाने का खूब प्रयास किया। जब वह अपनी मांग पर अड़ी रही, तो आरोपी ने गुस्से में आकर मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला घोंटकर हत्या करने का प्रयास किया और उसे मरा हुआ समझकर अचेत अवस्था में ही बोगी में छोड़कर भाग निकला।

एक यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन ने खोला राज  

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए आरपीएफ के एएसआइ बलबीर प्रसाद की टीम ने रांची से लेकर टाटानगर तक के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। 
 
रांची स्टेशन के फुटेज में महिला एक संदिग्ध युवक के साथ स्टेशन में प्रवेश करती दिखी। इसी दौरान वह युवक ट्रेन पकड़ने से पहले स्टेशन के एक स्टॉल पर ऑनलाइन भुगतान (UPI) के जरिए पानी की बोतल खरीदता हुआ कैमरों में कैद हो गया। 
 
पुलिस ने तुरंत उस वेंडर से डिजिटल भुगतान का विवरण हासिल किया और बिष्टुपुर साइबर थाने की मदद से ट्रांजेक्शन का गहन विश्लेषण किया। इससे पुलिस को आरोपी का प्राथमिक मोबाइल नंबर और उसकी पूरी गतिविधियों का सुराग मिल गया। 
 

बैंक रिकॉर्ड और गुमशुदगी से पुख्ता हुई पहचान  

इसके बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन से पुष्टि हो गई कि घटना के समय आरोपी उसी ट्रेन मार्ग पर मौजूद था। तकनीकी जांच के दौरान आरोपी का एक दूसरा सक्रिय मोबाइल नंबर भी पुलिस के हाथ लगा। 
 
बैंक खातों और केवाईसी (KYC) दस्तावेजों की पड़ताल से आरोपी का नाम कुमार ऋषभ और उसका पता पूरी तरह स्पष्ट हो गया। इस बीच, 30 जून को रांची के बरियातू थाने में महिला की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया था। 
 
टाटानगर रेल पुलिस ने जब रांची पुलिस से संपर्क कर मृतका की तस्वीर का मिलान कराया और संदेही ऋषभ को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।


इस पेचीदा मामले के त्वरित निष्पादन में रेल पुलिस अधीक्षक और आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट के मार्गदर्शन में एएसआइ बलबीर प्रसाद, कांस्टेबल रवि कुमार, जीआरपी के एसआइ मनराज भूट कुमार और आरक्षी अभिमन्यु की भूमिका बेहद सराहनीय रही। 

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