विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जमशेदपुर के 16 महीने के नन्हें ऋत्विक का 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में नाम दर्ज, बिना सहारे चढ़ीं 30 सीढ़ियां

By Ch Rao Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Tue, 03 Nov 2026 10:20 PM (IST)

जमशेदपुर के 16 महीने के ऋत्विक वर्मा ने बिना किसी सहारे के लगातार 30 सीढ़ियां चढ़कर 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया है।

16 महीने के मासूम ऋत्विक वर्मा को असाधारण प्रतिभा और क्षमता को अंतरराष्ट्रीय संस्था 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' ने मान्यता प्रदान की है।

16 महीने के मासूम ऋत्विक वर्मा को असाधारण प्रतिभा और क्षमता को अंतरराष्ट्रीय संस्था 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' ने मान्यता प्रदान की है।

HighLights

  1. 16 महीने के ऋत्विक ने बिना सहारे 30 सीढ़ियां चढ़ीं।

  2. 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में नाम दर्ज कराकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।

  3. मां अनामिका ने आवेदन किया, नाना ने प्रतिभा पहचानी।

जासं, जमशेदपुर। हौसले और हुनर की कोई उम्र नहीं होती- इसे जमशेदपुर के कदमा (भाटिया बस्ती) निवासी महज 16 महीने के मासूम ऋत्विक वर्मा ने साबित कर दिखाया है। 
 
जिस उम्र में बच्चे ठीक से अपने कदम संभालना सीखते हैं, उस उम्र में ऋत्विक ने बिना किसी सहारे के लगातार 30 सीढ़ियां चढ़कर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। 
 
उनकी इस असाधारण प्रतिभा और क्षमता को अंतरराष्ट्रीय संस्था 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' ने आधिकारिक मान्यता प्रदान की है। इतनी छोटी उम्र में मिली इस अभूतपूर्व सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे शहर में खुशी की लहर है।
 
मां की पहल और 1 मिनट के वीडियो से मिली पहचान
 
ऋत्विक की इस अनोखी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने का श्रेय उनकी माता अनामिका कुमारी वर्मा को जाता है, जो रेडियो क्षेत्र से जुड़ी हैं। 
 
इंटरनेट मीडिया के जरिए 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' की जानकारी मिलने पर उन्होंने बेटे की इस क्षमता को रिकॉर्ड में दर्ज कराने का निर्णय लिया। 
 
अनामिका ने 11 अक्टूबर 2026 को आवेदन प्रस्तुत किया और साक्ष्य के रूप में लगभग एक मिनट का वीडियो भेजा। इस वीडियो में ऋत्विक बिना किसी की मदद लिए खुद लगातार 30 सीढ़ियां चढ़ते हुए साफ नजर आ रहे हैं। 
 
पिता को मिला यादगार सरप्राइज
 
2 नवंबर को संस्थान द्वारा रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि की गई। ऋत्विक के पिता रोहित वर्मा पुणे की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। 
 
अनामिका ने इस पूरी प्रक्रिया को गुप्त रखा था ताकि रिकॉर्ड दर्ज होने पर पति को एक यादगार सरप्राइज दे सकें। 2 नवंबर को जैसे ही आधिकारिक पुष्टि मिली, परिवार का उत्साह और खुशी दोगुनी हो गई।
 
नाना ने पहचानी प्रतिभा
 
इस उपलब्धि के पीछे परिवार, विशेषकर नाना अजय कुमार सिंह का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण रहा। नाना ने ही सबसे पहले नाती के इस अनोखे हुनर को पहचाना था और विश्व रिकॉर्ड के लिए आवेदन करने का सुझाव दिया था। 
 
महज 16 महीने की उम्र में ऋत्विक वर्मा ने अपने नन्हें कदमों से यह साबित कर दिया है कि अगर सही पहचान और प्रोत्साहन मिले, तो उम्र का बंधन बड़ी उपलब्धियों के आड़े नहीं आता।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।