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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jamshedpur News: जब अचानक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे सिटी एसपी, देखिए जब अचानक पहुंचे तो क्या हुआ

By Madhukar KumarEdited By:
Published: Sun, 19 Jun 2022 07:49 AM (IST)

Jamshedpur News सिटी एसपी के. विजय शंकर ने शनिवार को अदालत परिसर का निरीक्षण किया। एसएसपी ने डा एम तमिल ...और पढ़ें

Jamshedpur News: सिटी एसपी ने कोर्ट परिसर का किया निरीक्षण
Jamshedpur News: सिटी एसपी ने कोर्ट परिसर का किया निरीक्षण

जमशेदपुर, जासं। झारखंड के देवघर के कोर्ट परिसर में जो कुछ भी हुआ उसे अदालत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा होने लगे है। देवघर जैसी वारदात न हो इसको लेकर आम लोगों और अधिवक्ताओं में तक में चर्चा होने लगी है जो लाजिमी है। सुरक्षा व्यवस्था में सेंध की बात होने पर जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में हुई वारदात सामने आ ही जाती है। कारण अदालत परिसर की कोर्ट हाजत से एक साथ दो बंदी हाजत की रोशनदान की खिड़की तोड़ भाग निकले थे। इससे पहले अदालत परिसर के बार भवन में ट्रांसपोर्टर उपेंद्र सिंह की हत्या की हत्या, गैंगस्टर अखिलेश सिंह पर पेशी के दौरान हमला और साकची निवासी रवि चौरासिया पर जानलेवा हमले की घटना है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोर्ट परिसर में सीसीटीवी लगे हुए है। कुछ काम करते है। कुछ नहीं करते। सुरक्षा को लेकर वरीय पुलिस अधिकारी समय-समय पर मुआयना करते है। खामियों को सुधारने के प्रयास होते है। देवघर की घटना के बाद जमशेदपुर के सिटी एसपी के. विजय शंकर ने शनिवार को अदालत परिसर का निरीक्षण किया। एसएसपी ने डा एम तमिल वणन ने कहा कि सोमवार को सिटी एसपी और सीसीआर डीएसपी अदालत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निरीक्षण करेंगे। सुरक्षा को लेकर अदालत परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर जैप के आइटी विभाग को लिखा गया है।

केस नंबर एक

हरीश सिंह अदालत में पेश होकर निकल गयागैंंगस्टर अखिलेश सिंह का गुर्गा हरीश सिंह वांटेड है। उसकी गिरफ्तारी का वारंट है। बावजूद वह अधिवक्ता की वेशभूषा में पांच मार्च 2021 को अदालत परिसर में प्रवेश कर गया। उपेंद्र सिंह हत्याकांड में उसके बयान दर्ज होने थे। वह 10 मिनट तक अदालत परिसर में रहा और बड़े आराम से निकल गयाा। 10 मिनट तक वह अदालत परिसर में रहा और निकल गया। मामले में एसएसपी ने सब इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। मामले में हरीश सिंह के विरुद्ध सीतारामडेरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।

उपेंद्र सिंह की 30 नवंबर 2016 में हत्या

ट्रांसपोर्ट उपेंद्र सिंह की हत्या अदालत परिसर के बार भवन परिसर में 30 नवंबर 2016 को गोली मार हत्या कर दी गई थी। जवाब में उपेंद्र सिंह के साथियों ने भी गोलियां चलाई। अधिवक्ताओं की सक्रियता के कारण दो शूटर पकड़े गए थे जबकि अन्य भागने में सफल रहे थे। हत्या का आरोप अखिलेश सिंह, हरीश सिंह समेत अन्य पर लगा था। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं ने सुरक्षा पर सवाल उठाए थे।

केस नंबर तीन

अखिलेश सिंह पर हुआ था जानलेवा हमला14 मई 2014 को अखिलेश सिंह की न्यायालय में पेशी थी। अदालत से निकलने ही सरबजीत सिंह ने उस पर फायरिंग कर दी, लेकिन गोली नहीं चली। सरबजीत को अखिलेश सिंह के गुर्गो ने पकड़ लिया। सरबजीत और हरविंदर सिंह पर को अधमरा कर दिया था। अदालत परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी।

देवघर कोर्ट परिसर में हत्या की घटना चिंताजनक और निंदनीय-राजेश शुक्ल

झारखंड स्टेट बार कौंसिल के वाइस चेयरमेन राजेश शुक्ल ने राज्य के न्यायालयों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए झारखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ई मेल भेजा है। वाइस चेयरमेन ने बताया देवघर कोर्ट परिसर में हत्या की घटना चिंताजनक है। घटना से अधिवक्ताओं में रोष है। भय का माहौल है। न्यायालयों में सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। पूर्व में भी जमशेदपुर, हजारीबाग, रांची और पलामू में ऐसी घटनाएं हो चुकी है। कहा राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर झारखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से जल्द मिलेंगे।