जमशेदपुर: नशे के दलदल में कोल्हान प्रमंडल बुरी तरह फंस चुका है। हाल के दिनों में बढ़े अपराध की एक मुख्य वजह नशे को ही माना जा रहा है। इसके खुलासे लगातार हो रहा है। इसपर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान द्वारा कराए गए एक सर्वे में चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। कोल्हान प्रमंडल में कुल 73 हजार 43 किशोर नशे की गिरफ्त में मिले हैं। पूर्वी सिंहभूम जिले में सबसे अधिक 30 हजार 735 किशोर नशे के शिकार मिले हैं। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले में 27 हजार 642 व पश्चिमी सिंहभूम जिले में 14 हजार 666 किशोर नशे का सेवन करते मिले हैं। इसमें लड़कियों की संख्या भी अच्छी-खासी है। विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में जब भी कोई घटना होती है तो उसके अधिकांश आरोपित नशे की हालत में होते हैं।

मानगो में सबसे अधिक किशोर नशे की गिरफ्त में

जमशेदपुर में सबसे अधिक मानगो क्षेत्र के किशोर नशे की गिरफ्त में हैं। मानगो में कुल चार हजार किशोर व आजादनगर में दो हजार किशोर नशे के शिकार मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जमशेदपुर में सबसे अधिक अपराध इसी क्षेत्र में होती हैं।

कोल्हान में उम्र 10 से 16 वर्ष के नशा करने वाले किशोरों की संख्या

- जिला : कुल : लड़का : लड़की

- पूर्वी सिंहभूम : 30735 : 24786 : 5949

- सरायकेला-खरसावां : 27642 : 23387 : 4255

- पश्चिमी सिंहभूम : 14666 : 7818 : 6848

-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --

कुल : 73043 : 55991 : 17052

-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -

कितने प्रकार के नशा करते किशोर

- जिला : 10 से कम : 10 से ज्यादा : 20 से ज्यादा

- पूर्वी सिंहभूम : 18800 : 7122 : 4813

- सरायकेला-खरसावां : 12941 : 7967 : 6734

- पश्चिमी सिंहभूम : 7713 : 3534 : 3419

-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --

कुल : 39454 : 18623 : 14966

-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -

जमशेदपुर के किस क्षेत्र में कितने बच्चे नशे की गिरफ्त में

थाना क्षेत्र : बच्चे

मानगो : 4000

आजादनगर : 2000

उलीडीह : 1500

एमजीएम : 800

पटमदा : 200

जुगसलाई : 1500

बागबेड़ा : 800

सुंदरनगर : 300

साकची : 1800

सिदगोड़ा : 1300

सीतारामडेरा : 1900

टेल्को : 1700

गोविंदपुर : 1500

बिरसानगर : 1500

गोलमुरी : 1200

बर्मामाइंस : 1700

बिष्टुपुर : 1800

कदमा : 700

सोनारी : 115

-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -

कुल : 26315

-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -

45 से अधिक तरह के नशे कर रहे युवक

नशे के लिए युवक एक-दो नहीं बल्कि 45 से अधिक तरह के सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। इसमें ब्राउन शुगर से लेक नशीली दवा, दर्द निवारण आयोडेक्स, पेंट, पेट्रोल, हेरोइन, स्मैक, गांजा, बीड़ी, सिगरेट, सिगार, हुक्का, तंबाकू, गुटखा, भांग, कफ सिरप कोरोक्स, ह्वाइटनर, साबुदाना पत्ती, पराग चाकलेट, इमली दाना, तितली चार्ट, केला पानी, पोस्तु, अफीम, मेंटक, आम लट्ठा, नेल पालिस, केचुआ चार्ट, पेंट, थिनर, मिट्टी तेल, पेट्रोल, हड़िया-रासी, गुलाब का फुल, शराब, बैगनपत्ता, चरस, कोकिन, ताड़ी, चिचोरी जैसे पदार्थों शामिल हैं।

जमशेदपुर में नहीं है एक भी सरकारी नशा मुक्ति केंद्र

शहर में एक भी सरकारी नशा मुक्ति केंद्र नहीं है। जिसके कारण युवक इधर से उधर भटकते रहते हैं। सरकारी नशा मुक्ति केंद्र खुलने से अधिक से अधिक किशोरों को नशे की लत से बाहर निकाला जा सकता है। बारीडीह में एक निजी नशा मुक्ति केंद्र है लेकिन अधिकांश लोगों को उसके बारे में जानकारी नहीं हैं।

-

इस कारण से नशे की दलदल में फंस जाते हैं किशोर

- किशोर अवस्था में बदलाव करना चाहते हैं बच्चे।

- दोस्तों के दबाव में नशे की शुरुआत।

- घर में कोई नशा करते हैं तो उसे देखकर।

- अपने आदर्श व्यक्ति को देखकर नशे की शुरुआत।

- आराम से नशे के पदार्थ मिल जाना।

- तनाव भी नशे का एक बड़ा कारण है। कई लोग सोचते हैं कि नशे करने के बाद वे तनाव मुक्त हो जाएंगे लेकिन यह गलत धारणा हैं।

अवैध ढंग से हो रहा नशीली दवाओं का कारोबारशहर में नशीली दवाओं का कारोबार अवैध ढंग से हो रहा है। कुछ माह पूर्व ही ड्रग विभाग की तरफ से जुगसलाई में हुई छापेमारी में इसका खुलासा हुआ था। वहीं, दवा दुकानदार भी नियम को ताक पर रखकर युवाओं को नशीली दवा बेच रहे हैं। वैसे दुकानदारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई होते रही हैं। नशीली दवाओं में कोरेक्स, अल्प्राजोलम, अल्प्रैक्स सहित अन्य शामिल हैं।

-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -

मादक पदार्थों के सेवन से सबसे बड़ी हानि स्वास्थ्य पर पड़ता है। इससे आपके शरीर के कई अंगों पर एक साथ विपरीत असर पड़ता है। खास तौर से यह आपके दिमाग को भी अपनी चपेट में ले लेता है।

- डा. दीपक गिरी, मनोचिकित्सक, सदर अस्पताल।

-- -- -- -- -- -- --

जिले में एक भी नशा मुक्ति केंद्र नहीं है। जबकि कोल्हान में 73 हजार से ज्यादा किशोर नशे की गिरफ्त में है। नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए मैं बीते कई सालों से प्रयास कर रहा हूं लेकिन इसपर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।

- सदन ठाकुर, मुख्य संयोजक, बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान

Edited By: Sanam Singh