स्वर्णरेखा-खरकई अब भी लाल निशान के पार! जमशेदपुर में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन हाई अलर्ट पर
जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर थोड़ा घटने के बावजूद लगातार बारिश से बाढ़ का खतरा बरकरार है। स्वर्णरेखा और खरकई ...और पढ़ें

जमशेदपुर में लगातार बारिश से बाढ़ का खतरा बरकरार।
HighLights
जमशेदपुर में लगातार बारिश से बाढ़ का खतरा बरकरार।
पूर्वी सिंहभूम में 97 मिमी से अधिक बारिश दर्ज।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को भी रुक-रुक कर हो रही बारिश ने प्रशासन और तटीय बस्तियों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यद्यपि सुबह 8 बजे की रिपोर्ट में स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में मामूली गिरावट
दर्ज की गई है, लेकिन लगातार हो रही वर्षा और मौसम विभाग की चेतावनी के कारण बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।
दोनों नदियां अब भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं। पूर्वी सिंहभूम में 97 मिमी से अधिक बारिश, अलर्ट जारी मौसम विज्ञान केंद्र
(आईएमडी) रांची के अनुसार, झारखंड के ऊपर बने अवदाब (डिप्रेशन) के प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान 97.4 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने बुधवार (19 अगस्त) के लिए जिले में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) में बारिश जारी रही, तो डैमों से दोबारा पानी छोड़े जाने पर नदियों का जलस्तर फिर उछाल मार सकता है।
नदियों की अद्यतन स्थिति
जलस्तर में मामूली गिरावट बाढ़ नियंत्रण कक्ष की सुबह 8 बजे की रिपोर्ट के अनुसार मानगो ब्रिज पर स्वर्णरेखा का जलस्तर 123.20 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (121.50 मीटर) से 1.70 मीटर ऊपर है।


इसी तरह आदित्यपुर ब्रिज पर खरकई नदी का जलस्तर 133.60 मीटर रहा, जो खतरे के निशान (129.00 मीटर) से 4.60 मीटर ऊपर है। यद्यपि सुबह दोनों नदियों का रुझान घटता हुआ दर्ज किया गया, लेकिन रिमझिम बारिश के कारण बस्तियों से पानी निकलने की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
पुनः बारिश शुरू होने से तटीय इलाकों में बढ़ा खौफ बारिश दोबारा शुरू होने से राहत शिविरों में शरण लिए लोगों में खौफ का माहौल है। बागबेड़ा के 68 वर्षीय बुजुर्ग हरिराम महतो ने कहा, सुबह लगा था कि पानी उतर जाएगा, लेकिन आसमान में छाए काले बादल और बारिश देखकर फिर डर लगने लगा है।
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मानगो शंकोसाई की 35 वर्षीया गृहणी सुनीता देवी ने चिंता जताते हुए कहा, कमरों से पानी पूरी तरह निकला नहीं है। अगर बारिश तेज हुई तो हम घर कैसे लौटेंगे? वहीं जुगसलाई के 22 वर्षीय युवा मोहम्मद अरशद ने बताया कि तटीय इलाकों के युवा रात भर गश्त कर रहे हैं ताकि पानी बढ़ने पर तुरंत लोगों को सतर्क किया जा सके।
25 से अधिक राहत शिविरों में अलर्ट जारी पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने जेएनएसी, मानगो, जुगसलाई और आदित्यपुर नगर निकायों को हाई अलर्ट पर रखा है। 25 से अधिक शेल्टर होम में भोजन, ब्रेड, दूध और दवाइयों का वितरण जारी है। एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीमों को नदियों के किनारे बोट के साथ मुस्तैद रखा गया है।
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