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जमशेदपुर में 'कोरोना' की तर्ज पर मलेरिया की ट्रैकिंग: 14 दिनों में 1.4 लाख जांच; पोटका-डुमरिया बने नए हॉट स्पॉट

Published: Mon, 13 Jul 2026 11:37 PM (IST)

जमशेदपुर में मलेरिया के बढ़ते प्रकोप के बाद जिला प्रशासन ने कोरोना जैसी रणनीति अपनाई है, जिसमें 14 दिनों में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. जमशेदपुर में मलेरिया के 1,895 मामले, 6 मौतें दर्ज।

  2. 14 दिनों में 1 लाख से अधिक लोगों की जांच हुई।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल जैसी जांच, सर्विलांस और ट्रैकिंग रणनीति के तहत अभियान तेज कर दिया है। 
 
उपायुक्त राजीव रंजन ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिला प्रशासन का लक्ष्य हर संदिग्ध मरीज की पहचान कर 24 घंटे के भीतर उसकी जांच और उपचार सुनिश्चित करना है। 
 

जिले में 1,895 पॉजिटिव मरीज

जिले में अब तक मलेरिया से 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि 29 जून से 12 जुलाई 2026 तक जिले में रिकॉर्ड 1,04,459 लोगों की मलेरिया जांच की गई। 

 
इस जांच अभियान में कुल 1,895 मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। जिले की कुल पॉजिटिविटी दर 1.96% दर्ज की गई है।  
 

प्रभावित प्रखंडों में मरीजों की स्थिति:  

     खंड/क्षेत्र    कुल जांच    पॉजिटिव मरीज    स्थिति
  • पोटका     24,657      667               सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
  • डुमरिया      -            427               गंभीर प्रभावित
  • मुसाबनी      -            344               हाई अलर्ट
  • घाटशिला     -            212               सर्विलांस जारी
  • सदर अस्पताल    -       -                14.36% पॉजिटिविटी रेट (रेफर मरीज)
 
(नोट: शहरी क्षेत्र मानगो में एक भी मरीज नहीं मिला है, जबकि बिरसानगर में केवल 2 मामले सामने आए हैं।)

खतरनाक वेरिएंट 'फाल्सीपेरम' के सबसे ज्यादा मामले 

जांच रिपोर्ट के अनुसार, मलेरिया के कुल मरीजों में से प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (PF) के 1,491 मामले (सबसे घातक रूप), प्लाज्मोडियम विवैक्स (PV) के 353 मामले और मिश्रित (मिक्स) संक्रमण के 51 मामले सामने आए हैं।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में हुई कुल 6 मौतों में से 4 मौतें सेरेब्रल मलेरिया (दिमागी मलेरिया) और 2 मिश्रित संक्रमण के कारण हुई हैं। इन सभी मामलों की डेथ ऑडिट (चिकित्सकीय समीक्षा) कराई जा रही है।

युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी

प्रशासन ने सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में फोकस्ड सर्विलांस के साथ-साथ इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) यानी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है। 
 
उपायुक्त ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह के बुखार को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर निशुल्क जांच करवाएं।

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