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JFC संकट का सुखद अंत: टाटा स्टील ने चुकाया खिलाड़ियों का पूरा बकाया, मिला दोहरा वित्तीय लाभ और नए क्लबों में जाने का मौका

Published: Sun, 06 Sep 2026 12:04 PM (IST)

जमशेदपुर एफसी के परिचालन बंद होने के बाद टाटा स्टील ने सभी 12 अनुबंधित खिलाड़ियों और 2 कोचों का पूरा ...और पढ़ें

कुछ खिलाड़ी नए निवेशकों के आने की उम्मीद में इंटर काशी एफसी की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।

कुछ खिलाड़ी नए निवेशकों के आने की उम्मीद में इंटर काशी एफसी की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।

HighLights

  1. टाटा स्टील ने JFC खिलाड़ियों का पूरा बकाया चुकाया।

  2. खिलाड़ियों को अनुबंध से मुक्त कर नए क्लबों का मौका।

  3. चर्चिल ब्रदर्स का प्रस्ताव खिलाड़ियों ने ठुकराया।

जासं, जमशेदपुर। टाटा स्टील द्वारा अगस्त माह में जमशेदपुर एफसी (JFC) के प्रथम टीम परिचालन को बंद करने और इंडियन सुपर लीग (ISL) स्पोर्ट्स लाइसेंस हस्तांतरित करने के फैसले से खिलाड़ी गहरे करियर संकट में आ गए थे। 
 
हालांकि, अब प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने सभी 12 अनुबंधित खिलाड़ियों और 2 कोचों के संपूर्ण बकाये का भुगतान कर उन्हें अनुबंध से मुक्त कर दिया है। 
 
इससे खिलाड़ियों के सामने खड़ी अनिश्चितता दूर हो गई है और वे नए क्लबों से जुड़कर दोहरा वित्तीय लाभ कमाने की स्थिति में आ गए हैं।  
 

भविष्य को लेकर गहरा गया था अनिश्चितता का संकट

JFC के बंद होने से अचानक दो साल के अनुबंध वाले पांच खिलाड़ियों सहित कुल 12 खिलाड़ियों व दो कोचों का करियर अधर में लटक गया था। 
 
खिलाड़ियों के खेल हितों को ध्यान में रखते हुए क्लब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मुकुल चौधरी ने ईमेल के माध्यम से एक प्रस्ताव भेजा था। इसमें खिलाड़ियों को गोवा के चर्चिल ब्रदर्स से जुड़ने या अपना बकाया लेकर अन्य विकल्प चुनने की छूट दी गई थी।  


प्रस्ताव के अनुसार, चर्चिल जाने पर आगे का वेतन चर्चिल ब्रदर्स देता, लेकिन मना करने की स्थिति में जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (JFSPL) ने अनुबंध के अनुसार पूरा भुगतान स्वयं करने की प्रतिबद्धता निभाई।

चर्चिल जाने से इनकार, अब नए ठिकानों पर नजर

विषम परिस्थितियों के बावजूद किसी भी खिलाड़ी या कोच ने चर्चिल ब्रदर्स जाने का विकल्प नहीं चुना। इसके बाद JFC ने खिलाड़ियों के इस सीजन और अगले सीजन के अनुबंध का पूरा बकाया चुकता कर दिया। अब खिलाड़ी बिना किसी वित्तीय नुकसान के नए क्लब तलाश रहे हैं।

  •     निखिल बारला - नॉर्थईस्ट यूनाइटेड से जुड़ चुके हैं।
  •     लालह्रियातोइया छांगटे (चावंगथू) - चेन्नैयिन एफसी का रुख किया है।
  •     मोहम्मद सनन - केरल ब्लास्टर्स में स्वामित्व परिवर्तन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 
  •     प्रणय हलदर - श्रीनिधि डेक्कन से जुड़ने के करीब हैं।


वहीं, कुछ खिलाड़ी नए निवेशकों के आने की उम्मीद में इंटर काशी एफसी की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। क्लब के विजेता कोच ओवेन कोएल ने भी एक शीर्ष ISL क्लब के प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया है।  

₹100 में हस्तांतरित हुआ था 9 साल पुराना सफर

उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील ने अगस्त में 2017 से ISL खेल रही JFC की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी और स्पोर्ट्स लाइसेंस महज ₹100 के सांकेतिक मूल्य पर चर्चिल ब्रदर्स को हस्तांतरित कर दिया था। दो बार की राष्ट्रीय लीग विजेता चर्चिल ब्रदर्स के मालिक गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री चर्चिल अलेमाव हैं।

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