Diwali alert... जमशेदपुर में डॉक्टरों की चेतावनी: बच्चों को पटाखों से रखें दूर, जलने पर टूथपेस्ट या घी लगाने की गलती न करें
दीपावली पर आतिशबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर जमशेदपुर के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है। उन्होंने बच्चों को पटाखों ...और पढ़ें

त्योहार के दौरान जरा सी लापरवाही बच्चों और बड़ों दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
HighLights
पटाखों से जलने पर तुरंत ठंडे पानी का उपयोग करें।
घरेलू नुस्खे जैसे घी, टूथपेस्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें।
बच्चों को अकेले पटाखे जलाने के लिए कभी न छोड़ें।
जासं, जमशेदपुर। दीपावली की खुशियों के बीच आतिशबाजी का रोमांच कई बार भारी पड़ जाता है। त्योहार के दौरान जरा सी लापरवाही बच्चों और बड़ों दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
हर साल दीपावली के बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा होता है, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल होते हैं।
10 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं झुलसने के मामले
शहर के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन धीरा के अनुसार, दीपावली के दौरान हर साल करीब 10 प्रतिशत लोगों के झुलसने या चोटिल होने के मामले सामने आते हैं।
पटाखों की चपेट में आने से कई लोगों के हाथ, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्से झुलस जाते हैं। इसके अलावा, पटाखों से निकलने वाली चिंगारी और बारूद के कण आंखों में चले जाने की घटनाएं भी आम हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि आंखों की चोट को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
जलन होने पर अपनाएं सही प्राथमिक उपचार
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि पटाखे से जलने पर अक्सर लोग घरेलू नुस्खे अपनाते हैं, जो नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।
- क्या करें: जले हुए हिस्से को तुरंत साफ और ठंडे बहते पानी के नीचे करीब 20 मिनट तक रखें। गंभीर जलन होने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
- क्या न करें: जले हुए हिस्से पर भूलकर भी बर्फ, घी, टूथपेस्ट या अन्य घरेलू चीजें न लगाएं।
अभिभावकों के लिए जरूरी सावधानियां
- बच्चों को पटाखे जलाते समय कभी भी अकेला न छोड़ें और उन्हें हमेशा सुरक्षित दूरी पर रखें।
- पटाखे जलाने के लिए लंबी अगरबत्ती या सुरक्षित उपकरणों का उपयोग करें।
- बच्चों को ढीले या सिंथेटिक कपड़ों की बजाय हमेशा सूती (कॉटन) कपड़े पहनाएं।
यदि आंख में बारूद का कण चला जाए या चोट लगे, तो आंख को बिल्कुल न रगड़ें और न ही अपनी मर्जी से कोई आई ड्रॉप या दवा डालें। तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।