जमशेदपुर में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए बना जिला विद्या समीक्षा केंद्र, समस्याओं का तत्काल होगा निपटारा
पूर्वी सिंहभूम जिले में शिक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'जिला विद्या समीक्षा केंद्र' का उद्घाटन किया गया है।

जिला विद्या समीक्षा केंद्र का उद्घाटन करते जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी, जिला शिक्षा अधीक्षक जूही रानी व अन्य।
HighLights
पूर्वी सिंहभूम में शिक्षा निगरानी हेतु 'जिला विद्या समीक्षा केंद्र' स्थापित।
समस्याओं के त्वरित समाधान को 12 सदस्यीय कमेटी व शिकायत प्रणाली।
त्रिस्तरीय निगरानी से शिक्षा का अधिकार अधिनियम लक्ष्य प्राप्त होगा।
शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और 12 सदस्यीय कमेटी
जिला विद्या समीक्षा केंद्र का मुख्य आकर्षण शिकायत निवारण प्रणाली है। किसी भी माध्यम से प्राप्त होने वाली विद्यालयी समस्याओं या शिकायतों को सबसे पहले सूचीबद्ध किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश भेजा जाएगा।
त्रिस्तरीय निगरानी और आंकड़ों का विश्लेषण
यह केंद्र जिले की त्रिस्तरीय शिक्षा प्रणाली जिला, प्रखंड और संकुल स्तर के तहत संचालित सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेगा।
- डेटा संकलन: विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, नामांकन, विद्यार्थियों के ठहराव और उपस्थिति से जुड़े आंकड़ों का संकलन व विश्लेषण किया जाएगा।
- रिपोर्टिंग: आंकड़ों के आधार पर कमियों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे और नियमित प्रगति रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी जाएगी।
- समन्वय: राज्य एवं जिला स्तर से प्राप्त निर्देशों का प्रखंड तथा संकुल (क्लस्टर) स्तर तक पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रखंड एवं संकुल स्तर पर तय हुईं जिम्मेदारियां
- प्रखंड स्तर: शैक्षणिक गुणवत्ता, फील्ड विजिट, शिक्षक प्रशिक्षण और पठन-पाठन सामग्री की निगरानी होगी। साथ ही प्राप्त आंकड़ों का सत्यापन किया जाएगा।
- संकुल स्तर: विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, शिक्षकों को शैक्षणिक मार्गदर्शन और विद्यालय स्तरीय आंकड़ों को संकलित कर प्रखंड को भेजने की जिम्मेदारी होगी।
जिला विद्या समीक्षा केंद्र का अंतिम लक्ष्य समग्र शिक्षा अभियान और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए एक मजबूत और उत्तरदायी अनुश्रवण तंत्र स्थापित करना है।