जमशेदपुर, जागरण संवाददाता । जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश संजय कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को दुष्कर्म और हत्याकांड मामले के आरोपित चंदन उर्फ चांदी दास को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामले में सात लोगों की गवाही हुई थी जिनमें अनुसंधान अधिकारी लक्ष्मी कुमारी ने गवाही में कहा था कि अनुसंधान में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नही मिला।

आरोपित पक्ष की ओर से अदालत में गौरव कुमार पाठक पैरवी कर रहे थे। घटना के बाद से आरोप में विगत तीन साल से आरोपित जेल में बंद था। घटना बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया की है। गौरव कुमार पाठक ने बताया कि आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी के आरोप के सिवाय कुछ साक्ष्य नहीं मिला।

ये रहा घटनाक्रम

17 सितंबर 2018 को एक महिला की दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दिए जाने का आरोप चंदन उर्फ चांदी दास पर लगा था। महिला की पुत्र की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। महिला के पुत्र ने शिकायत में पुलिस को बताया था कि घटना के दिन वह साकची में डयूटी गया था। विजया बैंक के पास खड़ा था। तभी बहन ने फोन कर जानकारी दी कि बिष्टुपुर जुबिली फ्लैट के आउट हाउस में रहने वाले चंदन उर्फ चांदी दास ने दुष्कर्म के बाद मां की हत्या कर दी है। सूचना पर वह घर पहुंचा। मौसी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा के बाहर चप्पल पड़ा था। स्कूटी खड़ी थी। कई बार दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। बस्ती के कई लोग पहुंचे। दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया गया। इस बीच अंदर से चंदन दास ने दरवाजा खोला। मां अचेत पड़ी थी। शरीर पर कपड़े नहीं थे। लोगों की मदद से टाटा मुख्य अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकाें ने मृत घोषित कर दिया।

Edited By: Rakesh Ranjan