जमशेदपुर में भारी बारिश का कहर: चांडिल डैम के 17 फाटक खुले, खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर
कैचमेंट में भारी बारिश के कारण चांडिल डैम के 17 फाटक खोले गए, जिससे खरकई नदी आदित्यपुर में खतरे के ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
चांडिल डैम के 17 फाटक खोले गए, पानी का दबाव नियंत्रित।
खरकई नदी आदित्यपुर में खतरे के निशान से 0.03 मीटर ऊपर।
जमशेदपुर में अगले तीन दिन मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से चांडिल डैम में पानी का दबाव बढ़ गया है, जिसे नियंत्रित करने के लिए डैम के 13 रेडियल गेट समेत कुल 17 फाटकों को खोल दिया गया है। सोमवार सुबह 8 बजे डैम से नदी और नहर में कुल 744.57 क्यूमेक्स पानी की निकासी की जा रही है।
डैम से पानीछोड़े जाने और ओडिशा के बांधों से भारी डिस्चार्ज के कारण आदित्यपुर ब्रिज स्थल पर खरकई नदी खतरे के निशान (129.00 मीटर) को पार कर 129.03 मीटर पर बह रही है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि खरकई और स्वर्णरेखा दोनों नदियों के जलस्तर का वर्तमान रुझान फिलहाल घटने (फॉलिंग) की ओर है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
179.19 मीटर पहुंचा जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के अनुसार, चांडिल डैम का वर्तमान जलस्तर 179.19 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसका अधिकतम जलस्तर 192.00 मीटर है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए डैम के 13 रेडियल गेट, 2 स्पिलवे गेट (0.05 मीटर), 2 स्लुइस गेट (1.50 मीटर) और 1 कनाल गेट (0.50 मीटर) खोले गए हैं।
इनसे मुख्य सुवर्णरेखा नदी में 729.66 क्यूमेक्स और नहर में 14.91 क्यूमेक्स पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसके अलावा, निचले इलाके में स्थित गालूडीह बैराज का जलस्तर 92.40 मीटर दर्ज किया गया, जहां से 6 स्पिलवे गेट खोलकर 1633.36 क्यूमेक्स पानी नदी में बहाया जा रहा है।
ओडिशा से आ रहा पानी
खरकई नदी के उफान पर रहने का मुख्य कारण ओडिशा स्थित बांधों से लगातार हो रहा पानी का डिस्चार्ज है। रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा के बांकाबल डैम (जलस्तर 303.29 मीटर) से 2 गेट खोलकर 84.72 क्यूमेक्स तथा खरकई डैम (जलस्तर 311.80 मीटर) से 2 गेट खोलकर 55.18 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
इन दोनों बांधों में जलस्तर का रुझान बढ़ने (राइजिंग) की ओर है। ओडिशा से आ रहे पानी के कारण गंजिया बैराज का जलस्तर 135.00 मीटर पर पहुंच गया है, जिसके चलते गंजिया बैराज के सभी 8 फाटकों को पूरी तरह खोलकर 1186.54 क्यूमेक्स पानी निकाला जा रहा है। इसी कारण आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी खतरे के निशान से 0.03 मीटर ऊपर बह रही है।
दूसरी ओर, मानगो ब्रिज के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 119.70 मीटर है, जो खतरे के निशान (121.50 मीटर)
से फिलहाल 1.80 मीटर नीचे है।
तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) काफी सक्रिय है।
इसके प्रभाव से अगले तीन दिनों—31 अगस्त, 1 सितंबर और 2 सितंबर को जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश का दौर बना रहेगा।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) होने की प्रबल संभावना है।
नदियों के उफान और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
मानगो, बागबेड़ा, शास्त्रीनगर, जुगसलाई और आदित्यपुर के निचले तटीय इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को मुस्तैद रखागया है। प्रशासन ने नागरिकों से नदियों व बैराजों के समीप न जाने और सतर्कता बरतने की अपील की है।
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