JNU मामले पर जमशेदपुर में भिड़े भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता, पूर्व BJP जिलाध्यक्ष समेत 10 से अधिक घायल
जेएनयू से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर जमशेदपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। ...और पढ़ें
HighLights
जेएनयू मामले पर जमशेदपुर में भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प।
लाठी-पत्थर चलने से भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं के सिर में चोट लगी।
कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जेएनयू से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर सोमवार को जमशेदपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पहली बार सड़क पर टकराव के रूप में सामने आई। लौहनगरी के बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस के जिला मुख्यालय (तिलक पुस्तकालय) के बाहर सोमवार दोपहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
दोनों पक्षों के बीच देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सड़क पर जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले। इस हिंसक टकराव में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार समेत दोनों दलों के 10 से अधिक कार्यकर्ता लहूलुहान हो गए। अचानक हुई पत्थरबाजी से व्यस्त बिष्टुपुर मुख्य मार्ग पर भगदड़ मच गई और अफरातफरी का माहौल बन गया।

प्रदर्शन के दौरान भड़का विवाद
घटनाक्रम के अनुसार, दिल्ली के जेएनयू में कथित उत्पीड़न मामले को लेकर मणिपुर से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोईजाम के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदर्शन का आह्वान किया था। भाजपा कार्यकर्ता जी-टाउन क्लब मैदान से विरोध मार्च निकालते हुए पुतला दहन के लिए तिलक पुस्तकालय की ओर बढ़े।
इधर, कांग्रेस मुख्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से ही जुटे हुए थे। जैसे ही भाजपा का जुलूस कांग्रेस कार्यालय के समीप पहुंचा, दोनों पक्षों की ओर से तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते नोकझोंक धक्का-मुक्की में बदल गई और दोनों ओर से लाठियां भांजी जाने लगीं।


सड़क पर चले ईंट-पत्थर, कई के सिर फूटे
टकराव के दौरान दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले। इस हमले में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार के सिर पर गंभीर चोट आई। वहीं कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष और कई अन्य कार्यकर्ताओं के सिर फट गए। घायलों को तत्काल टीएमएच और स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही सिटी एसपी, डीएसपी समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मोर्चा संभाला।


धरने पर बैठीं विधायक पूर्णिमा साहू, पुलिस छावनी बना इलाका
घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर पूर्वी की भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचीं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित हमले का आरोप लगाते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गईं। भाजपा नेताओं ने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
वहीं कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यालय में जबरन घुसने और तोड़फोड़ का प्रयास किया, जिसके जवाब में यह स्थिति उत्पन्न हुई। प्रशासन ने तनाव को देखते हुए तिलक पुस्तकालय और आसपास के पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने में जुटी है।

कांग्रेस कार्यालय के बाहर पुलिस तैनात
दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव के बाद पुलिस ने तिलक पुस्तकालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। जवानों को तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि दोबारा भिड़ंत न हो। जेएनयू प्रकरण पर शुरू हुआ विरोध अब जमशेदपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है। फिलहाल पुलिस की निगरानी में स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया जा रहा है।

