संवाद सूत्र, चाकुलिया : प्रखंड के केरुकोचा स्थित हाट मैदान में जंगल बचाओ आंदोलन के प्रणेता साबुआ हांसदा की शहादत दिवस बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस मौके पर आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा की सभा को संबोधित करते हुए पार्टी सुप्रीमो दिशोम गुरू शिबू सोरेन ने कहा कि साबुआ हांसदा ने जंगल की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था। इसलिए सभी लोग मिलकर जल जंगल और जमीन की हिफाजत करें। यही साबुआ के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अपने बेहद संक्षिप्त भाषण में गुरूजी ने कहा कि झारखंड में खनिज संपदा का भंडार है। इसके बावजूद यहां बेरोजगारी है। ऐसा सरकार की गलत नीति के कारण हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने बच्चों को पढ़ाने तथा नशापान से दूर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पार्टी के उपाध्यक्ष सह सरायकेला विधायक चंपई सोरेन ने कहा कि राज्य कि भाजपा सरकार आदिवासी मूलवासियों के हितों की उपेक्षा कर रही है। यह उद्योगपतियों के इशारे पर चलने वाली सरकार है। यह जनता का भला नहीं कर सकती। झारखंड में जब तक झामुमो की पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं आएगी तब तक स्थानीय लोगों का विकास नहीं हो सकता। राजमहल के सांसद विजय हांसदा ने कहा कि जिस उद्देश्य से अलग झारखंड राज्य का निर्माण गुरूजी के नेतृत्व में किया गया था वह अभी तक पूरा नहीं हुआ है। आज भी झारखंड के लोग वंचित एवं उपेक्षित हैं। हेमंत सोरेन के 14 महीने के कार्यकाल को छोड़ दें तो कभी भी विकास का रोडमैप किसी सरकार ने तैयार नहीं किया। झारखंड के विकास का एकमात्र विकल्प झामुमो ही है। उन्होंने अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को उखाड़ फेंकने तथा राज्य की सभी 14 सीटों पर झामुमो एवं गठबंधन दल के उम्मीदवारों को जिताने की अपील की। सभा में झामुमो जिलाध्यक्ष रामदास सोरेन ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार एक तरफ विकास की बात करती है वहीं दूसरी तरफ विद्यालयों को बंद कर रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गरीबों के बच्चे स्कूल से वंचित रह जाएं। उन्होंने कहा कि घाटशिला स्थित महिला महाविद्यालय को बंद करने का भी प्रयास किया जा रहा है, जिसका उनकी पार्टी पुरजोर विरोध करती है। सभा को बहरागोड़ा विधायक कुणाल षाड़ंगी, सिल्ली के पूर्व विधायक अमित महतो, मोहन कर्मकार आदि ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व शिबू सोरेन समेत सभी नेताओं ने झाबुआ हासदा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। शहीद की विधवा बाल्ही हांसदा को वस्त्र आदि उपहार भेंट किए गए।

Posted By: Jagran