दलीप ट्रॉफी फाइनल में 350 रन बनाकर ईशान किशन ने टीम इंडिया में वापसी का दावा ठोका, 9 घंटे तक क्रीज पर डटे
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन ने 350 रन बनाकर भारतीय टेस्ट टीम में वापसी का मजबूत दावा पेश किया ...और पढ़ें

ईशान किशन ने टीम इंडिया में वापसी का दावा ठोका

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जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। चेन्नई के चेपक मैदान पर संपन्न दलीप ट्राफी फाइनल में पूर्वी क्षेत्र के कप्तान ईशान किशन की 270 रनों की ऐतिहासिक मैराथन पारी ने भारतीय टेस्ट टीम में उनकी वापसी का रास्ता साफ कर दिया है। उन्होंने दूसरी पारी में भी 80 रन बनाए। इस मैच में ईशान ने दोनों पारियां मिलाकर कुल 350 रन बनाएं।
पहली पारी में दक्षिण क्षेत्र (साउथ जोन) के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने 334 गेंदों पर खेली गई इस पारी ने साबित कर दिया है कि झारखंड का यह आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज अब खेल के सबसे लंबे प्रारूप (रेड-बाल क्रिकेट) के मिजाज में पूरी तरह ढल चुका है।
चेन्नई की भीषण गर्मी व उमस के बीच दो दिनों तक नौ घंटे से अधिक समय क्रीज पर बिताकर ईशान ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। केंद्रीय अनुबंध से बाहर होने के बाद घरेलू क्रिकेट के मैदानों में पसीना बहाकर उन्होंने तीनों प्रारूपों में राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के सामने सबसे मजबूत दावा ठोक दिया है।
सौरभ तिवारी ने सराहा, घरेलू सत्र में चल रहा गोल्डन टच
झारखंड टीम में उनके वरिष्ठ साथी व पूर्व भारतीय बल्लेबाज सौरभ तिवारी ने कहा कि ईशान इस समय अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ गोल्डन टच में हैं। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के सचिव सौरभ ने बताया कि यह पारी अचानक नहीं आई, बल्कि उनकी निरंतरता का परिणाम है।
इससे पूर्व 2025-26 रणजी ट्रॉफी सत्र में भी उन्होंने कोयंबटूर की कठिन परिस्थितियों में तमिलनाडु के खिलाफ 247 गेंदों पर 173 रन जड़े थे। सौरभ ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच ईशान ने लाल गेंद क्रिकेट में लगातार रन बनाकर चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दी है।
सबा करीम बोले, विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में भी मजबूत विकल्प
पूर्व भारतीय विकेटकीपर सबा करीम ने ईशान की इस पारी को उनके करियर का बड़ा मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि ईशान ने घरेलू स्तर पर कड़ी मेहनत और आत्ममंथन से अपने खेल में जो परिपक्वता हासिल की है, उसका असर मैदान पर दिख रहा है।
कठिन परिस्थितियों में पहली पारी में 270 रन बनाना यह दर्शाता है कि वह तीनों प्रारूपों में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सबा के अनुसार, ईशान की बल्लेबाजी क्षमता इतनी उच्च स्तर की है कि विकेटकीपर के अलावा भी भारतीय टीम उन्हें विशुद्ध विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में अंतिम एकादश में शामिल कर सकती है।
