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गरीबी से चेपक के चैंपियन तक, पढ़िए Duleep Trophy चैंपियन पूर्वी क्षेत्र के रणबांकुरों की इनसाइड स्टोरी

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:51 AM (IST)

दलीप ट्रॉफी में पूर्वी क्षेत्र की जीत झारखंड के खिलाड़ियों के संघर्ष और सफलता की कहानी है। ईशान किशन, कुमार ...और पढ़ें

बोकारो के कुमार कुशाग्र ने पहली पारी में 101 रन की शतकीय पारी और दूसरी पारी में नाबाद 34 रन बनाकर मध्यक्रम को संभाला।

बोकारो के कुमार कुशाग्र ने पहली पारी में 101 रन की शतकीय पारी और दूसरी पारी में नाबाद 34 रन बनाकर मध्यक्रम को संभाला।

HighLights

  1. ईशान किशन ने दोहरे शतक और कप्तानी से पूर्वी क्षेत्र को जिताया।

  2. कुमार कुशाग्र, अनुकूल रॉय, शिखर मोहन का शानदार हरफनमौला प्रदर्शन।

  3. झारखंड के खिलाड़ियों ने अभावों से निकलकर दलीप ट्रॉफी जीती।

जासं, जमशेदपुर। अभावों की पथरीली राहों पर जब अटूट हौसले कदम बढ़ाते हैं, तो मंजिलें खुद झुककर सलाम करती हैं।

चेन्नई के चेपक मैदान पर संपन्न दलीप ट्राफी में पूर्वी क्षेत्र की खिताबी विजय सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के अदम्य जिजीविषा की अमर गाथा है।

कप्तान ईशान किशन ने पहली पारी में 270 रनों का ऐतिहासिक दोहरा शतक और दूसरी पारी में 80 रन ठोककर कुल 350 रनों का पहाड़ खड़ा किया।

युवा शिखर मोहन ने पहली पारी में 85, दूसरी पारी में 52 रन और 2 अहम विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की।

बोकारो के कुमार कुशाग्र ने पहली पारी में 101 रन की शतकीय पारी और दूसरी पारी में नाबाद 34 रन बनाकर मध्यक्रम को संभाला, जबकि अनुकूल राय ने 45 रन और धारदार गेंदबाजी से सहयोग दिया।

ईशान किशन : प. सिंहभूम का गौरव बना पाकेट डायनेमो

घरेलू क्रिकेट में पश्चिम सिंहभूम जिला क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले ईशान किशन का सफर संघर्षों की खुली किताब है।

पटना में जन्मे और नवादा से जुड़े ईशान के पिता प्रणव कुमार पांडे छोटे स्तर के निर्माण कार्यों से जुड़े थे। बड़े भाई राज किशन ने अपने खेल का त्याग कर छोटे भाई के सपनों को पंख दिए।

महज 12 वर्ष की उम्र में ईशान रांची आए और सेल क्वार्टर में सीनियर साथियों के साथ रहकर भोजन बनाने से लेकर बर्तन मांजने तक के कष्ट झेले।

केंद्रीय अनुबंध से बाहर होने की कड़वाहट को उन्होंने नेट्स में पसीना बहाकर भुलाया। इस खिताबी मुकाबले में कप्तान के रूप में टीम का सफल नेतृत्व कर उन्होंने पूर्वी क्षेत्र को शीर्ष पर पहुंचाया।

कुमार कुशाग्र का कदमा से राष्ट्रीय फलक तक का स्वर्णिम सफर

कदमा (रामनगर) की गलियों में पले-बढ़े 21 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र का सफर अटूट लगन और पिता के अनूठे समर्पण की मिसाल है।

कदमा के मैदानों से लेकर घर की छत पर नेट लगाकर, पिता शशिकांत ने क्रिकेट की किताबों व वीडियो के जरिए कुशाग्र की तकनीक को तराशा।

कदमा से निकलकर बोकारो जिला क्रिकेट संघ के रास्ते राज्य टीम में पहुंचे कुशाग्र ने घरेलू क्रिकेट में तिहरा शतक जड़कर अपनी प्रतिभा का डंका बजाया था।

दलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में जब पूर्वी क्षेत्र को ठोस सहारे की दरकार थी, तब कुशाग्र ने पहली पारी में 101 रनों का दर्शनीय शतक और दूसरी पारी में नाबाद 34 रन बनाकर टीम को चैंपियन बनाने में रीढ़ की भूमिका निभाई।

अनुकूल राय : सरायकेला-खरसावां से निकला फिरकी का जादूगर

सरायकेला-खरसावां जिला क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले अनुकूल रॉय का सफर सादगी और अनुशासन का परिचायक है।

मूल रूप से समस्तीपुर के निवासी अनुकूल के पिता सुधाकर रॉय पेशे से अधिवक्ता हैं, जिन्होंने सीमित आमदनी में भी बेटे के हौसलों को कभी झुकने नहीं दिया।

जमशेदपुर की कदमा क्रिकेट अकादमी में अपनी फिरकी और बल्लेबाजी को तराशने वाले अनुकूल ने 2018 अंडर-19 विश्व कप से लेकर अब तक लगातार धारदार प्रदर्शन किया है।

रवींद्र जडेजा को आदर्श मानने वाले इस हरफनमौला ने फाइनल में विरोधी मध्यक्रम को अपनी वामपंथी फिरकी से ध्वस्त करने के साथ निचले क्रम में उपयोगी रन जोड़कर टीम की खिताबी जीत सुनिश्चित की।

शिखर मोहन : रांची के हरफनमौला का बल्ला और गेंद से कमाल

रांची जिला क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले 21 वर्षीय बाएं हाथ के हरफनमौला शिखर मोहन का सफर अटूट तपस्या की मिसाल है।

बेहद सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले शिखर के पिता ने आर्थिक तंगहाली के बावजूद बेटे की किट और अभ्यास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी।

आयु वर्ग क्रिकेट में लगातार रनों का अंबार लगाने वाले शिखर ने दलीप ट्राफी फाइनल में मिले अवसर को दोनों हाथों से लपका।

उन्होंने दूसरी पारी में 80 रनों की बेजोड़ पारी खेलकर पूर्वी क्षेत्र को विशाल बढ़त दिलाई। बल्लेबाजी के साथ-साथ शिखर ने अपनी नपी-तुली गेंदबाजी से दो अहम विकेट भी झटके।

उनके इस दोहरे प्रदर्शन ने चेपक के मैदान पर पूर्वी क्षेत्र की ऐतिहासिक खिताबी जीत पक्की कर दी।