जमशेदपुर : बिच्छू एक ऐसा जीव है जिसका नाम सुनते ही सबसे पहले उसके डंक और जहर का डर जहन में आता है। यहां तक कि इसके जहर की वजह से इसकी तस्करी तक होती है। भारत ही नहीं दुनिया की कई गर्म जगहों पर मिट्टी और रेत के नीचे रहने वाले इस खतरनाक जीव की ऐसी कई खासियतें हैं जो किसी को भी हैरान कर सकती है।

बिच्छू के जहर से शिकार हो जाता है लकवाग्रस्त

क्या आपको पता है कि एक झटके में किसी को शिकार बना सकने वाला यह जीव एक साल तक बिना खाए जिंदा रह सकता है। बिच्छू छोटे कीड़ों, छिपकलियों से लेकर सांप तक को खा सकते हैं। ज्यादातर बिच्छू दो-तीन इंच के होते हैं। ये छोटे कीड़ों को तो पेडिपाल्प से पकड़ते हैं और अपने जहर से शिकार को लकवाग्रस्त कर देते हैं।

गर्मी के मौसम में ज्यादा सक्रिय

ये गर्मियों के मौसम में ज्यादा सक्रिय रहते हैं। दिन ये ठंडी जगहों पर बिताते हैं और रात को शिकार के लिए निकलते है। सर्दियों के मौसम में ये हाइबर्नेट करते हैं। ये अपने शरीर का मेटाबॉल्जिम इतना धीमा कर लेते हैं कि साल भर बिना खाना खाए रह सकते हैं। इसी वजह से ये बेहद गर्म तापमान में भी जीवित रह पाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर बिच्छू का जहर किसी बरैया के डंक से ज्यादा जहरीला नहीं होता है लेकिन इनका डर ज्यादा होता है।

दुनिया भर में बिच्छुओं की 2, 500 प्रजाति

दुनिया भर में बिच्छू की 2,500 के करीब प्रजातियां पाई जाती है और इनमें से 30 ऐसी होती हैं जिनके जहर में इंसानों को खतरा हो सकता है। बिच्छू अपने पैरों के छोटे-छोटे बालों को सेंसर की तरह इस्तेमाल करते हैं। लोमी लिंडा यूनिवर्सिटी में बायलोजी प्रोफेसर विलियम हेड के मुताबिक बिच्छुओं को इंसानों से कोई मतलब नहीं होता है और ये अकेले रहना चाहते हैं। ये सिर्फ तभी किसी को काटते हैं जब इन्हें कोई खतरा महसूस होता है। ये सूखी, चट्टानी जगहों, पेड़ों और दरारों में रहते हैं। इसलिए ऐसी जगहों पर जाने वालों का खास ख्याल रखना चाहिए। यहां तक कि कई बार ठंडक पाने के लिए जूतों व कपड़ों में भी छिप जाते हैं। हेज बताते हैं कि अगर बिच्छू काट भी लेता है तो इससे डरना नहीं चाहिए। यहां तक कि कई बार यह ठंडक पाने के लिए जूतों व कपड़ों में भी छिप जाते हैं। बिच्छू के डंक से दर्द होता है लेकिन ज्यादातर मामलों में दस मिनट के अंदर यह खत्म हो जाता है। निशान व सूजन जरूर हो सकता है।

Edited By: Jitendra Singh