जमशेदपुर : देश में कोविड 19 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। इसके कारण केंद्र व राज्य सरकार कई तरह के प्रतिबंध लगा रही है। इसके कारण देश भर में अधिकतर लोग डरे हुए हैं और पहले वेव की तरह उन्हें भी लॉकडाउन का डर सता रहा है। अधिकतर लोग संक्रमण का खतरा बढ़ने के कारण अपनी यात्रा को भी स्थगित कर दिया है। हालांकि रेलवे बोर्ड का देश के किसी भी क्षेत्र में पहले वेव की तरह ट्रेनों का परिचालन बंद करने की कोई योजना नहीं है।

जनवरी में बुकिंग में 20 प्रतिशत की आई गिरावट

कोविड 19 की तीसरे वेव को ओमिक्रोन के प्रकोप के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में 15 जनवरी 2022 तक के आंकड़ों पर गौर करे तो देश के विभिन्न स्टेशनों में टिकट की बुकिंग में 20 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है। अक्सर लोग साल के अंत में या नववर्ष के पहले सप्ताह में बाहर छुट्टियां मनाने जाते हैं लेकिन इस वर्ष संक्रमण के डर से बुकिंग नहीं हुई। वहीं, यात्री नियमित यात्रा भी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे उन ट्रेनों को रद करना शुरू कर दिया है जिसमें तय संख्या से कम यात्री मिल रहे हैं।

ट्रेन सेवाओं में आ सकती है कमी

रेलवे के वरीय अधिकारियों का कहना है कि देश में यदि संक्रमण का दर इसी तरह से बढ़ता और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा सेवाओं में तरह-तरह के प्रतिबंध लगते रहे तो इसका असर ट्रांसपोर्टेशन पर भी पड़ेगा। हालांकि रेलवे बोर्ड ने पहले ही घोषणा कर दी है कि उनका देश भर में ट्रेन सेवा को पहले की तरह बंद करने की कोई योजना नहीं है। हालांकि फरवरी में संक्रमण की स्थिति इसी तरह से बढ़ती रही और अधिकतर राज्य सरकारें अपने यहां लॉकडाउन और कर्फ्यू लगाते रहे तो भारतीय रेलवे को कई ट्रेनों को रद कर सकती है।

कुछ ट्रेनों को किया गया रद

रेलवे के वरीय अधिकारियों की माने तो जनवरी माह में 350 किलोमीटर से कम दूरी की ट्रेनों में भीड़ कम होने, संक्रमण का स्तर बढ़ने, कर्मचािरयों के संक्रमित होने के कारण कुछ ट्रेनों को रद किया गया है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोकोमोटिव ड्राइवरों और स्टेशन के कर्मचारी पॉजिटिव होने के कारण ट्रेनों का संचालन बड़ी समस्या बन गई है।

कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आईआरसीटीसी ने तेजस एक्सप्रेस के फेरों में कमी की है। अब अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल तेजस एक्सप्रेस को सप्ताह में पांच दिन से घटाकर तीन दिन कर दिया गया है। आईआरसीटीसी से दिसंबर में 11 लाख जबकि नवंबर में 13 लाख टिकट की बुकिंग हुई थी जबकि जनवरी में यह घटकर नौ लाख टिकट प्रतिदिन हो गई है।

टाटानगर स्टेशन में रिकार्ड टिकट की हुई वापसी

टाटानगर रेलवे स्टेशन में भी 12 जनवरी को रिकार्ड टिकट की वापसी हुई। आमतौर पर हर दिन दो लाख रुपये के टिकट की वापसी होती है और ढ़ाई लाख रुपये के नए टिकट की बुकिंग होती है लेकिन 12 जनवरी को तीन से सवा तीन लाख टिकट की वापसी हुई। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अधिकतर यात्रियों ने अपनी यात्रा रद कर दी।

Edited By: Jitendra Singh