यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारतीय लेखक अंशुमन भगत ने जीवन में किताबों के महत्व पर बताया, क्या कहती हैं किताबें
किताब हमारे जीवन की एकमात्र ऐसी अनमोल वस्तु है जो हमें खुद से रूबरू कराती है। किताब बिना बोले आपके ...और पढ़ें

जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। जमशेदपुर के भारतीय युवा लेखक अंशुमन भगत ने किताबों के महत्व को लेकर अपने विचार को आज की युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया है कि किस प्रकार किताबें हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। अंशुमन भगत ने बताया कि किताबों में लिखे शब्दों का अर्थ हमारे जीवन को एक दिशा देने का काम करता है या यूं कहें कि किसी भी व्यक्ति के जीवन को बदलने तक की क्षमता रखती है।
किताब हमारे जीवन की एकमात्र ऐसी अनमोल वस्तु है, जो हमें खुद से रूबरू कराती है। किताब बिना बोले आपके मन में एक आवाज भर देती है। किताब के माध्यम से हम सही ज्ञान की प्राप्ति कर सकते हैं, जिसकी कोई सीमा नहीं है। साथ ही यह अच्छाई और बुराई के बीच फर्क कराना भी सिखाता है। एक इंसान के शौक कई तरह के होते हैं, उनमें से कुछ किताबों के शौक रखने वाले लोग होते हैं जो कभी अकेलापन महसूस नहीं करते और अपने जीवन में एक बेहतर दोस्त होने का अनुभव करते हैं।
किताबें क्या कहती हैं?
एक लेखक अपने जीवन भर के सफर और अपने ज्ञान को शब्दों में पिरो कर, उसे एक किताब का रूप देता है। ऐसे अनेकों लेखकों के अनेक तरह के विचार आपके सामने एक किताब के रुप में होता है, जिसे पढ़कर मनुष्य के मस्तिष्क में सकारात्मक और शांत विचारों की धारा प्रवाह होने लगती है। यह चीजों को गहराई से अनुभव करने में मदद करता हैं। एक तरह से किताब औषधि का भी काम करता है जो जीवन की हर छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान क्षण भर में कर देता है। किताबों में लिखे शब्दों को लेखक अपने अंदाज़ में लिखता है, जिसे कविता, लेख, शायरी या कहानी के रूप में पढ़ा या सुना जाता है। किंतु शब्दों का अर्थ वही होता है। हालांकि एक लेखक के अंदाज पर निर्भर करता है कि वह किस तरह अपनी बातों को लोगों के सामने रखता है। इसलिए आवश्यक है कि युवाओं को किताबों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए जिसके माध्यम से युवा या अन्य वर्ग के लोग एक दूसरे के विचारों से रूबरू हो सकें।
