यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Illegal Sand Mining: एनजीटी के रोक के बावजूद कुजू नदी में धड़ल्ले से हो रहा है बालू का अवैध खनन
Illegal Sand Mining उपायुक्त अनन्य मित्तल के आदेश पर जिला खनन विभाग लगातार बालू चोरी को लेकर छापेमारी कर रहा ...और पढ़ें

चाईबासा, जासं। पश्चिमी सिंहभूम जिला समेत पूरे राज्य में 10 जून से 15 अक्टूबर तक एनजीटी ने नदियों से बालू के उत्खनन व उठाव पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद नदियों से चोरी-छिपे बालू की चोरी की जा रही है। चाईबासा व सरायकेला सीमा में पड़ने वाली कुजू नदी से रविवार को भी ट्रैक्टर के माध्यम से बालू की ढुलाई होते देखा गया। हालांकि दो-तीन ट्रैक्टर ही नदी किनारे नजर आये। क्षेत्र में पूछताछ करने पर बताया गया कि प्रशासन के कड़ाई करने के बाद काफी हद तक बालू का अवैध उत्खनन बंद है। फिर भी कुछ ट्रैक्टर संचालक चोरी-छिपे नदी से बालू लेने आ रहे हैं। अभी पहले जैसी स्थिति नहीं है। गांव में घर आदि बनाने के लिए लोग बालू का उठाव कर रहे हैं।
गोइलकेरा, मनोहरपुर में बालू के चार स्टाक यार्ड का लाइसेंस रद
उपायुक्त अनन्य मित्तल के आदेश पर जिला खनन विभाग लगातार बालू चोरी को लेकर छापेमारी कर रहा है। साथ ही साथ जिले में अवस्थित बालू के स्टाक यार्ड का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है। इस संबंध में पूछे जाने पर उपायुक्त अनन्य मित्तल ने बताया कि खनिज की चोरी पर अंकुश लगाने के हर प्रयास किये जा रहे हैं। खासकर नदियों से बालू के उठाव पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। हम लोगों ने एक सप्ताह के भीतर अभी तक 4 बालू के स्टाक यार्ड पर कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस रद किया है। कार्रवाई के क्रम में इन स्टाक से करीब 1 लाख 50 हजार सीएफटी बालू जब्त भी किया है। जिन स्टाक यार्ड का लाइसेंस रद किया गया है उनमें गोइलकेरा का एएच इंटरप्राइजेज, गोइलकेरा की क्रिएटिव इंटरप्राइजेज, मनोहरपुर के राज यादव समेत एक अन्य शामिल है। उपायुक्त ने बताया कि जिला खनन विभाग की ओर से 1 से 9 जून तक अवैध खनन से जुड़ी 10 प्राथमिकी अलग-अलग थानों में दर्ज की गयी हैं। इस क्रम में 12 वाहनों को जब्त करते हुए 1500 सीएफटी बालू व 200 सीएफटी गिट्टी भी जब्त की गयी है।
तस्करी रोकने को बड़ाजामदा-बड़बिल सीमा पर बनाया चेकनाका
लौह अयस्क, मैंगनीज समेत अन्य तरह की खनिज की तस्करी रोकने के लिए बड़ाजामदा ओपी अतंर्गत झारखंड-ओडिशा सीमा पर चेकनाका लगाया है। इस चेकनाका पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। झारखंड-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्र होने व दोनों सीमावर्ती राज्यों में लौह और मैगनीज की दर्जनों वैध व अवैध खदानें होने की वजह से इस क्षेत्र से निरंतर लौह व मैगनीज अयस्क की तस्करी होते रहती है। तस्कर हमेशा फर्जी माइनिंग चालान व अन्य कागजात का इस्तेमाल कर खनिज संपदाओं की तस्करी करते रहते हैं। इस अवैध तस्करी को रोकने के लिए पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त के आदेश पर बड़ाजामदा ओपी अंतर्गत झारखंड-ओडिशा सीमा पर एक चेकपोस्ट व टेंट लगाकर झारखंड पुलिस के पदाधिकारी व जवान ओडिशा से लौह व अन्य अयस्क लेकर आने वाले वाहनों के कागजातों की निरंतर जांच कर रहे हैं।
