जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : कोविड 19 के समय में शेयर बाजार में निवेशकों की बाढ़ सी आ गई है। पिछले आंकड़ों की तुलना में देश भर में 16 लाख से अधिक डीमेट खातों की संख्या बढ़ी है और अधिकतर निवेशकों की उम्र 24 से 30 वर्ष के बीच है। ऐसे में केंद्र सरकार शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों को के डीमेट एकाउंट में बड़ा बदलाव कर रही है। एक अक्टूबर से अब देश में जो भी नया डीमेट एकाउंट खुलेगा, उसके निवेशकों को अपना नॉमिनी तय करना होगा। खाता खोलते समय ही उन्हें इस संबंध में अपने नॉमिनी की स्पष्ट जानकारी, फोटो, उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड (वैकल्पिक), हस्ताक्षर सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां देनी होगी।

पूर्व से संचालित डीमैट एकाउंट के लिए भी यही नियम

देश में जितने भी डीमैट एकाउंट हैं उनके लिए भी ये नियम मान्य होंगे। यानि 31 मार्च 2022 तक उन्हें भी नॉमिनेशन फार्म भर बताना होगा कि उनका नॉमिनी कौन होगा। यदि वे डीमैट खाता खोलते समय इसकी जानकारी नहीं दी है तो उन्हें अनिवार्य रूप से यह जानकारी देनी होगी।

क्यों जरूरी है नॉमिनी बताना

हर कोई निवेशक भविष्य के लिए थोड़ा या ज्यादा, लेकिन निवेश जरूर करता है। कई निवेशक 10-20 साल पहले लिए शेयर को बेचते नहीं बल्कि उसे भविष्य की जरूरत के लिए जमा करके रखते हैं। जिसकी कीमत लाखों रुपये में होती है। ऐसे में यदि किसी निवेशक की असमय मौत होती है तो उनके बाद उनके शेयर व पैसों का नॉमिनी कौन होगा। यह खाताधारक को पहले ही स्पष्ट करना होगा। डीमैट खाता में यह विकल्प दिया गया है कि वे एक से अधिक भी नॉमिनी बना सकते हैं। इस पर उन्हें बताना होगा कि किस नॉमिनी को उनके बाद ज्यादा मिलेगा और किसे कम। यानि उन्हें प्रतिशत भी बताना होगा कि कौकिसे 50 प्रतिशत या तीनों को 33-33 प्रतिशत मिलेगा। इसके अलावा यदि आप अपना नॉमिनी बदलना चाहते हैं तो इसके लिए भी विकल्प दिया गया है। आप 31 मार्च 2022 तक इस संबंध में फार्म भरकर अपना नॉमिनी बदल सकते हैं।

Edited By: Rakesh Ranjan