जमशेदपुर (जासं)। संताली साहित्य के जानेमाने साहित्यकार डॉ हजाम चरण माझी की 23वीं पुण्यतिथि रविवार को परसुडीह के प्रमथनगर में रमेश हांसदा की अध्यक्षता में मनाई गई। उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर उपस्थित लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य राणा दे ने कहा कि स्वर्गीय डॉ हजाम चरण माझी जैसे साहित्यकार राजकीय सम्मान मिलना चाहिए। ताकि समाज के लेखकों को इससे ऊर्जा मिल सके।

इस अवसर पर गणेश ठाकुर हांसदा ने कहा कि डॉ माझी के जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही इनके लिखे किताबों को भी पाठयक्रम में शामिल करना चाहिए। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सांगेन हांसदा ने कहा कि डॉ. हजाम चरण माझी जैसे महापुरुषों के कारण ही ऑल चिकि लिपि दुनिया के सामने आ सका। कार्यक्रम में डॉ हजाम की पत्नी बसंती और बेटी कपूरा व सकरो के अलावे जिला परिषद सदस्य राणा दे, अखिल भारतीय संताली लेखक संघ के महासचिव गणेश ठाकुर हांसदा, झारखंड आंदोलन सागेन हांसदा, भाजपा नेता ईश्वर सोरेन, बिनानंद सिरका, रमेश हांसदा जूनियर, अर्जुन टुडू, जयपाल मुर्मू, मोहन हांसदा समेत कई लोग उपस्थित थे।

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Posted By: Rakesh Ranjan

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