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सिर्फ शाकाहारी होना काफी नहीं: जानिए सही खानपान के तरीके, जो रखेंगे आपके दिल और वजन को पूरी तरह नियंत्रित

Published: Sun, 01 Nov 2026 07:00 AM (IST)

विश्व शाकाहारी दिवस पर विशेषज्ञों ने बताया कि संतुलित शाकाहारी भोजन मधुमेह, मोटापा और हृदय रोगों को कम करने में सहायक है।

केवल शाकाहारी होना पर्याप्त नहीं, बल्कि दाल, हरी सब्जी, फल, साबुत अनाज और मेवों को सही मात्रा में शामिल करना महत्वपूर्ण है।

केवल शाकाहारी होना पर्याप्त नहीं, बल्कि दाल, हरी सब्जी, फल, साबुत अनाज और मेवों को सही मात्रा में शामिल करना महत्वपूर्ण है।

HighLights

  1. संतुलित शाकाहारी भोजन मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग घटाता है।

  2. फाइबर पाचन सुधारता, ग्लूकोज स्तर नियंत्रित रखता है।

  3. दालें, फल, सब्जियां, मेवे दिल के लिए गुणकारी।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। स्वाद के साथ सेहत का ख्याल रखना है, तो अपनी रोजाना की थाली में दाल, हरी सब्जी, मौसमी फल, साबुत अनाज और मेवों को जरूर शामिल करें। 
 
विश्व शाकाहारी दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित शाकाहारी भोजन टाइप-2 मधुमेह, मोटापा और हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित हो सकता है। 
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी बेहतर स्वास्थ्य के लिए फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज से भरपूर आहार को जरूरी मानता है। 
 
हालांकि, केवल शाकाहारी होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और उसकी मात्रा का सही संतुलन भी बेहद महत्वपूर्ण है।
 

फाइबर और पोषक तत्वों के फायदे 

शाकाहारी भोजन में प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के साथ-साथ रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। 
 
ओट्स, दलिया, चना, राजमा, मसूर की दाल और हरी सब्जियां फाइबर के बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। साबुत अनाज का सेवन करने से शरीर को लंबे समय तक धीरे-धीरे ऊर्जा मिलती रहती है। 
 
इसके अलावा, ताजे फल और हरी सब्जियों में पाए जाने वाले विभिन्न विटामिन, खनिज और एंटीआक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
 

दिल की सेहत के लिए है बेहद उपयोगी 

हरी सब्जियां, फल, अखरोट, बादाम और अलसी जैसे खाद्य पदार्थ हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी हैं। इनमें मौजूद फाइबर और असंतृप्त वसा शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को नियंत्रित रखने में सहायता करते हैं। 
 
इसके विपरीत, अधिक मात्रा में नमक, चीनी, तली हुई चीजें और संतृप्त वसा का सेवन हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है। नियमित रूप से पौष्टिक आहार लेने से वजन और रक्तचाप को भी आसानी से नियंत्रित रखा जा सकता है।
 

केवल शाकाहारी होना काफी नहीं 

विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ शाकाहारी होने मात्र से बीमारियों से बचाव की गारंटी नहीं मिल जाती। मैदे से बनी चीजें, मिठाइयां, मीठे पेय पदार्थ और अत्यधिक तली-भुनी चीजें शाकाहारी होने के बावजूद सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
 
इसलिए अपने भोजन में दालों, सोयाबीन जैसे प्रोटीन स्रोतों और सीमित मात्रा में मेवे व बीजों को शामिल करना चाहिए। साथ ही, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि (व्यायाम) करना भी आवश्यक है।

शाकाहारी भोजन में रोज दाल, चना, राजमा, मौसमी सब्जियां, साबुत अनाज और सीमित मात्रा में मेवे शामिल करें। भोजन में विविधता रखने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। 

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अन्नू सिन्हा, डायटीशियन

दिल की सेहत के लिए केवल मांसाहार छोड़ना काफी नहीं है। अत्यधिक नमक, चीनी और तले हुए भोजन से बचें। इसके अलावा नियमित व्यायाम, संतुलित वजन और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।

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डॉ. संतोष गुप्ता, हृदय रोग विशेषज्ञ 

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