जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में तैनात डॉ. बीरेंद्र सेठ का निधन सोमवार की सुबह टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में हो गया। वे 52 वर्ष के थे। उनको सास लेने में परेशानी और बुखार होने पर बीते शनिवार को टीएमएच में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में चल रहा था। वे शनिवार से वेंटिलेटर पर थे। 72 घंटे के अंदर डॉ. वीरेंद्र सेठ की कोरोना की तीन बार जांच की गई। हर बार रिपोर्ट निगेटिव आई। साथी के निधन की खबर सुनने के बाद चिकित्सकों में शोक की लहर है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एके लाल, जमशेदपुर शाखा के सचिव डॉ. मृत्युंजय सिंह, डॉ. जीसी माझी, डॉ. सौरव चौधरी, डॉ. संतोष गुप्ता सहित अन्य ने दुख जताया है। डॉ. वीरेंद्र सेठ की पत्नी डॉ. लक्ष्मी कुमारी जुगसलाई सीएचसी में तैनात हैं। उनका एक लड़का है, वह एमबीबीएस करने के बाद आगे की पढ़ाई कर रहा है। आइएमए के सचिव डॉ. मृत्युंजय सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. वीरेंद्र सेठ कोरोना ड्यूटी में तैनात थे, इसलिए उनको सरकार की तरह से मिलने वाले बीमा का लाभ उनके परिवार को मिलना चाहिए। उनके निधन पर खासमहल स्थित सदर अस्पताल में शोकसभा की गई। इस मौके पर सदर अस्पताल के सारे डॉक्टर, नर्स व कर्मचारी उपस्थित थे। उनका शव पैतृक आवास बुंडू भेजा गया। वहीं, उनका अंतिम संस्कार होगा।

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स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जताया शोक

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने डॉ. वीरेंद्र सेठ के निधन पर शोक जताया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि डॉ. वीरेंद्र सेठ के निधन से मैं दुखी हूं। सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि उनके इलाज में जो भी खर्च हुआ है, उसका वहन स्वास्थ्य विभाग करे। साथ ही उनकी अंत्येष्टि का इंतजाम करें। इस दुख की घड़ी में स्वास्थ्य विभाग उनके परिवार के साथ खड़ा है।

Posted By: Jagran

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