जमशेदपुर, जासं। मास्क की सही उपयोगिता और कीमतों को लेकर शहर के युवा लेखक अंशुमन भगत ने इससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी लोगों को साझा करते हुए बताया कि इन दो सालों में कोरोना महामारी के कहर से लोगों की दैनिक दिनचर्या में काफी बदलाव आया है। इससे बचाव के लिए सरकार ने नियम भी बनाए है ताकि इस महामरी से ग्राषित होने से बचा जा सके। सरकार के निर्देश के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण नियम है कि आपस में दो गज या छह फुट की दूरी बनाए रखें, बाहर निकलने या भीड़ में मास्क का प्रयोग अवश्य करें और समय-समय पर हाथ साफ करें, यह अब तक का सबसे कारगर तरीका साबित हुआ है।

      अब रोजमर्रा की जिंदगी में मास्क का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है, जो जरूरी भी है, भले ही आप बाहर जाने से पहले अपना वॉलेट लेना भूल जाएं, लेकिन आप मास्क ले जाना नहीं भूल सकते हैं। आजकल बाजार में कई तरह के मास्क उपलब्ध हैं। मेडिकल, मॉल और कुछ दुकानों में उपलब्ध मास्क की गुणवत्ता अन्य सड़कों पर मिलने वाले मास्क से बेहतर है, फिर भी कई लोग सड़कों पर मिलने वाले रंगबिरंगे मास्क को लेना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें सिर्फ अपने फ़ैशन की पड़ी होती है। अगर कीमत की बात करें तो इन मास्क की कीमत भी मेडिकल, मॉल और कुछ दुकानों में मिलने वाले मास्क से ज्यादा होता है। यह आवश्यक है कि हम मास्क का सही तरीके से उपयोग करें, कौन सा मास्क उपयोग किया जाता है। यह जानना भी जरूरी है कि मास्क को कितनी देर तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

मास्क का दोबारा इस्तेमाल नहीं करें

मास्क का दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि विशेषज्ञों द्वारा बताया गया है कि जब भी मास्क नम हो जाए तो फेस मास्क को बदल लेना चाहिए। एक ही मास्क को कभी भी एक दिन से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, फिर भी कई लोग मास्क के तौर पर रुमाल या कपड़े का इस्तेमाल करते हैं। कपड़े या कपड़े से बने मास्क से संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है, ऐसा इसलिए क्योंकि कपड़े में वायरस लंबे समय तक मौजूद रहता है।

2 रुपये का मास्क 5 से 15 रुपये तक बेचा जा रहा

मास्क की सही कीमत क्या है? यह शायद आप भी स्पष्ट रूप से नहीं बता सकते। मास्क की कीमत तय न होने की वजह से मास्क बनाने वाले और बेचने वाले अपनी सुविधा के हिसाब से लोगों से इसकी कीमत वसूलते नजर आ रहे हैं। जिस पर कोई आवाज नहीं उठाता। ऐसा केवल सड़कों पर नहीं बल्कि मेडिकल स्टोर में भी देखा जा चुका है कि किसी प्रकार मेडिकल में दो परत वाले सर्जिकल मास्क जिसकी कीमत 5 रुपये से शुरू है, जबकि यह 2 रुपये में मिलना चाहिए। किसी-किसी मेडिकल स्टोर में उसी मास्क को 10 रुपये से 15 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इसके अलावा तीन परत वाले सर्जिकल मास्क की कीमत 4 रुपये तक होती है, किंतु इसे भी मनचाहे दामों में बेचा जा रहा है। इसके अलावा आपको अपने ही शहर में ऐसे कई उदाहरण देखने को मिल जाएंगे। पर क्या मास्क के लिए सही दाम का तय होना उचित नहीं है? कई राज्यों में मास्क की सही कीमत तय की जा चुकी है, जिसमें सबसे पहले महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मास्क की कीमतों को ले कर निर्णय लिया था। इससे राज्यवासियों को मास्क की कीमतों को लेकर उन्हें किसी भी प्रकार की उलझन नहीं उठानी पड़े। ऐसा सभी जगहों पर होना चाहिए, ताकि मास्क निर्माता और विक्रेता अपनी मनमर्जी के हिसाब से लोगो से पैसा न वसूल सकें। लगातार मास्क की उपयोगिता बढ़ती जा रही है। इसे ध्यान में रखकर झारखंड सरकार को मास्क निर्माता और विक्रेता के लिए नए नियम और सूचना जारी करना चाहिए, तभी जाकर इस समस्या का समाधान हो पाएगा।

Edited By: Jitendra Singh