मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जमशेदपुर, अन्वेष अंबष्ठ। कोल्हान प्रमंडल में सक्रिय चार नक्सली दस्ते पर पुलिस की विशेष निगाह रहेगी। जिनकी लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ प्रभावित इलाके मेें सक्रियता बढ़ रही है। सरायकेला-खरसांवा जिले के नीमडीह स्टेशन, घुटियाडीह वन विश्रामागार में पोस्टर चस्पा कर उपस्थिति दर्ज करा दी है।

सिंहभूम में प्रशांत बोस, सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई और चांडिल से सटे इलाके में महाराजा प्रमाणिक, पूर्वी सिंहभूम जिले के बंगाल सीमा पर असीम मंडल, दलमा क्षेत्र में रामनाथ मार्डी उर्फ सचिन का दस्ता सक्रिय है। सभी दस्ते के मुखिया पर इनाम घोषित है। महाराजा प्रमाणिक सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ दारुदा ग्राम और सचिन जमशेदपुर के पटमदा प्रखंड के झुझका का निवासी है। असीम मंडल और प्रशांत बोस बंगाल के है।

खत्म हो सकती है बाहरी की सक्रियता

पुलिस महाराजा प्रमाणिक और सचिन को आत्मसमर्पण कराने को एक रणनीति के तहत प्रयासरत रही है कि अगर स्थानीय दस्ता आत्मसमर्पण कर देगा तो बाहरी की सक्रियता अपने ही खत्म हो जाएगी जैसा कि पूर्वी सिंहभूम जिले में नक्सली कान्हू मुंडा के साथ 12 दस्ते ने हथियार के साथ जनवरी 2018 में आत्मसमर्पण कर दिया था। सचिन और महाराजा प्रमाणिक को मुख्यधारा में वापस लौटाने में पुलिस सफल नहीं पाई है।

हाल के दिनों में नक्सली दस्ते के मुखिया का संपर्क आपस में बढ़ गया है। एक-दूसरे के प्रभावित इलाके में इनका आना-जाना हो रहा है। दस्ते से पुलिस की मुठभेड़ होती रही है। नक्सली पकड़े भी गए। विस्फोट और हथियार जब्त किए गए। चाईबासा में चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी कर चुके हैं बावजूद चुनाव के पहले उपस्थिति दर्ज कराने को प्रयासरत नक्सलियों पर पुलिस की पैनी नजर है। संयुक्त कार्रवाई को झारखंड, बंगाल और ओडिशा के पुलिस अधिकारियों की तीन चरण में बैठक हो चुकी है।  

ये कहते डीआइजी

नक्सलियों के विरुद्ध कारगर अभियान लगातार चलाया जा रहा है। किसी प्रकार के विध्वंसक मंशा को सफल नहीं होने दिया जाएगा। नक्सली बैकफुट पर है।

-कुलदीप द्विवेदी, कोल्हान डीआइजी 

Posted By: Rakesh Ranjan

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप