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जमशेदपुर, जासं। मानवता को शर्मसार और रिश्ते को कलंकित करने का मामला प्रकाश में आया है। एमजीएम थाना क्षेत्र में रहने वाला कलयुगी पिता अपनी ही बड़ी बेटी के साथ पिछले आठ सालों से दुष्कर्म करता रहा। घर में भी वह सुरक्षित नहीं थी। मामला तब सामने आया जब 17 वर्षीय पीडि़ता की छोटी बहन ने अपने पिता को गलत करते 11 सितंबर को देख लिया।

उस समय रात के 11.30 बज रहे थे। छोटी बहन को भी पिता कहीं हवस का शिकार नहीं बना दे। इससे वह भयभीत हो गई। इससे पहले भी जब मर्जी होता था तब पिता शारीरिक संबंध उससे बनाते थे। पीडि़ता ने अपनी मां, दादी, बुआ समेत परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। मदद मांगी, लेकिन सभी ने उसकी बातों को अनसुनी कर दी। गुरुवार को पीडि़ता अपनी मां के साथ एमजीएम थाना पहुंची थी। मारपीट का आरोप लगाया था।

चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को दी जानकारी

इसके बाद पीडि़ता ने 109 नंबर पर डायल कर सीडब्लूसी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी तक मामले को पहुंचाया। घर में नही बल्कि सुरक्षित स्थान में वह रहना चाहती है। सीडब्लूसी की अध्यक्ष पुष्पा रानी तिर्की, सदस्य आलोक भास्कर समेत अन्य शुक्रवार को एमजीएम थाना पीडि़ता को लेकर गए। पटमदा डीएसपी विजय महतो को मामले की जानकारी दी। फिलहाल मामले में लिखित शिकायत नहीं दिए जाने के कारण अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। सीडब्लूसी की देखरेख में पीडि़ता है। जहां उसकी काउसलिंग की जा रही है। वह बेहद तनाव में है और दुखी है। वह इंटर की छात्रा है। ऐसा सीडब्लूसी के सदस्य आलोक भास्कर बता रहे है।

दादी को दी थी जानकारी

काउंसिलिंग में उसने बताया कि 2011 में वह बहुत छोटी थी। सोयी थी। आंख खुली। देखा पिता कुछ कर रहे है। वह समझ नहीं पा रही थी। उसके शरीर पर वस्त्र नहीं थे। उसने पिता की हरकत को बताया। बताया कि वह स्कूल जाती थी। चुपचाप बैठे रहती थी। शिक्षिका उदासी का कारण पूछती थी तो वह कुछ बता नहीं पाती थी।उसने बताया कि पिता ट्रांसपोर्ट में काम करते हैं। दादी को भी पिता की घिनौनी हरकत से अवगत कराया। दादी ने घूमा-फिराकर जवाब दिया। छोटी बहन को बताया तो उसने यकीन नहीं किया। जब 11 सितंबर की रात को उसने प्रत्यक्ष सबकुछ देखा तब उसे विश्वास हुआ। बताया कि उसका एक मित्र है उसने भी मित्रता तोड़ दी। पीडि़ता की मेडिकल जांच की आवश्यकता है। वह दो बहन और एक भाई है।

मां बता रही कुछ और कहानी

इधर, पीडि़ता की मां ने एमजीएम थाना में पुलिस अधिकारी को बताया कि पुत्री का एक दोस्त है। पिता इसका विरोध करते थे। डांट-फटकार किया था। जो पुत्री बोल रही है। उसमें सत्यता नहीं है।

लिखित शिकायत पर होगी प्राथमिकी

मामले में पीडि़ता या फिर उसकी मां की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलेगी तो प्राथमिकी होगी। पीडि़ता सीडब्लूसी की देखरेख में है।

-विजय कुमार महतो, पटमदा डीएसपी 

Posted By: Rakesh Ranjan

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