जमशेदपुर : टाटा मोटर्स में यदि किसी कर्मचारी की मौत होती है तो उनके आश्रित को संबधित कर्मचारी का अंतिम बेसिक-डीए का 50 प्रतिशत, औसतन 20 हजार रुपये मिलेंगे। कंपनी प्रबंधन और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के बीच यह समझौता हुआ है जो पहली अप्रैल 2020 से प्रभावी होगा। इस अवधि में जिन कर्मचारियों की कोविड 19 से मौत हुई है उन्हें इसका लाभ मिलेगा।

मृतक के स्वजन को इंश्योरेंस व सेवा निधि से 40 लाख रुपये मिलेंगे

टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन कार्यालय में सोमवार सुबह ऑफिस बियरर की बैठक हुई जिसे संबोधित करते हुए अध्यक्ष गुरमीत सिंह व महामंत्री आरके सिंह ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोविड 19 के कारण जो कर्मचारी हमसे बिछड़ गए हैं उनके आश्रितों का भी भविष्य बेहतर हो, इसके लिए हम प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि संबधित मृत कर्मचारी को इंश्योरेंस व सेवा निधि से 40 लाख रुपये मिलेंगे। यदि वे चाहे तो सरकारी बैंक में रखकर प्रतिमाह 25 हजार रुपये ले सकते हैं। इस तरह से कर्मचारी का वर्तमान वेतन उनके परिवार को मिलता रहेगा।

यूनियन ने रतन टाटा के प्रति जताया आभार

बैठक के दौरान यूनियन नेतृत्व ने टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा के प्रति भी आभार व्यक्त जताया जिन्होंने मानव सेवा के लिए देश भर में आक्सीजन की आपूर्ति सहित कोविड केयर अस्पताल का निर्माण व आक्सीजन जनरेट प्लांट की स्थापना कर रही है। वहीं, बैठक के दौरान कोविड 19 के कारण अपनी जान गंवा चुके मृत कर्मचारियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। बैठक में यूनियन के सभी पदाधिकारी व कमेटी मेंबर उपस्थित थे।

मृतक के दो बच्चों को मिलेगा शिक्षा अनुदान

गुरमीत सिंह व आरके सिंह ने बताया कि मृत कर्मचारियों के दो बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से चलती रहे इसके लिए बच्चे की 17 वर्ष की उम्र तक प्रबंधन से शैक्षणिक सहायता स्कीम के तहत शिक्षा अनुदान भी मिलेगा। इसे तीन भागों में बांटा गया है। पांच से 10 वर्ष तक प्रतिमाह 2000 रुपये के तहत सालाना 24 हजार रुपये, 11 से 15 वर्ष तक प्रतिमाह 3000 रुपये के तहत सालाना 36 हजार रुपये और 15 से 17 वर्ष की उम्र तक प्रतिमाह 4000 रुपये के तहत सालाना 48 हजार रुपये मिलेंगे।

नौ माह तक क्वार्टर में रहने की व्यवस्था

कर्मचारी की मौत के बाद आश्रितों को आवंटित क्वार्टर में नौ माह तक रहने को मिलेगा ताकि सबंधित परिवार उक्त अवधि तक अपने लिए दूसरा आश्रय ढूंढ सके।

कर्मचारियों के बाद उनके आश्रितों को भी मिलेगा वैक्सीन

बैठक में अध्यक्ष और महामंत्री ने कहा कि हम कर्मचारी और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। जब कंपनी में कार्यरत सभी कर्मचारियों को वैक्सीन मिल जाएगा ताे उनके आश्रितों को भी वैक्सीन दिलाने की व्यवस्था की जाएगी ताकि तीसरे वेव से पहले सभी कोविड 19 से सुरक्षित हो सके। उन्होंने बताया कि कोविड 19 से बचाव के लिए कंपनी प्रबंधन पूरी तैयारी कर रही है ताकि हम पूरी क्षमता से अपना काम कर सके।

अस्थायी कर्मचारियों को भी मिले काम

बैठक के दौरान अध्यक्ष व महामंत्री ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों को समान रूप से काम मिले, ऐसी व्यवस्था हमे करना है। उन्होंने सभी ऑफिस बियरर को इस दिशा में पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही कंपनी परिसर में चल रहे टीकाकरण अभियान में बराबर सहयोग करने का निर्देश दिया। कहा कि जिन कर्मचारियों को अब तक वैक्सीन नहीं लग पाया है, मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें वैक्सीन दिलाया जाए।

कैंटीन के खाने की गुणवत्ता हो बेहतर

बैठक के दौरान कमेटी मेंबरों से कई सुझाव भी मिले। इसमें कंपनी परिसर में संचालित कैंटीन के खाने की गुणवत्ता को और बेहतर करने, कर्मचारियों के परिवार को वैक्सीन दिलाने और दिन-प्रतिदिन काम के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।

कंपनी व अस्पताल प्रबंधन का जताया आभार

बैठक के दौरान यूनियन नेतृत्व ने मैन्युफैक्चरिंग हेड एबी लाल, प्लांट हेड विशाल बादशाह सहित अस्पताल प्रबंधन सहित सभी डाक्टर, नर्स व कर्मचारियों का आभार जताया जिन्होंने कोविड 19 में न सिर्फ कर्मचारियों बल्कि समुदाय के लोगों की जान बचाई। कंपनी प्रबंधन को समय पर जरूरी संसाधन मुहिया कराने के लिए धन्यवाद दिया गया।

कोविड के कारण मृत कर्मचारियों को मिलेंंगी ये सुविधाएं

  • शैक्षणिक सहायता स्कीम
  • पांच से 10 वर्ष तक मासिक 2000 रुपये (सालना 24000)
  • 11 से 14 वर्ष तक मासिक 3000 रुपये (सलाना 36000)
  • आयु 15 से 17 तक मासिक 4000 रुपये (सालाना 48000)
  • भविष्य कल्याण योजना के तहत मृत कर्मचारी के आश्रित को बेसिक-डीए का 50 प्रतिशत, लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह।
  • लाइफ कवर स्कीम के तहत एक मुश्त सात लाख रुपये मिलेंगे।
  • ग्रुप इंश्योरेंस के तहत 10 लाख रुपये मिलेंगे।
  • सेवा निधि के तहत 32 लाख रुपये मिलेंगे।
  • आश्रित को 15 साल तक 75 हजार रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम का लाभ।
  • आजीवन ओपीडी की सुविधा।

Edited By: Jitendra Singh