जमशेदपुर, जेएनएन। ईद के मौके पर रब की बारगाह में हजारों सिर झुके और अमन-चैन एवं देश-दुनिया की खुशहाली के लिए दुआ की गई। कोल्हान के पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर के साथ ही घाटशिला अनुमंडल के घाटशिला, मुसाबनी, चाकुलिया आदि जगहों पर ईद की नमाज अदा की की गई। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा, जगन्नाथपुर समेत अन्य इलाकों में नमाज अदा की गई। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर ईद मुबारक कहा और इसके बाद शुरू हुआ घर-घर जाकर सेवइयां खाने का दौर। 

बहरागोड़ा में नमाज अदा करते लोग।

चाईबासा में नमाज अदा करते लोग।

चाकुलिया में ईद की नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे के गले लगकर बधाई देते लोग।

पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में नमाज अदा करते लोग।

पूर्वी सिंहभूम के मउभंडार में नमाज अदा करते लोग।

रैफ समेत 1000 जवान तैनात

जमशेदपुर के मानगो जुगसलाई में ईद की नमाज अदा करते लोग।

ईद के मद्देनजर जमशेदपुर शहर में किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके लिए रैफ समेत 1000 पुलिस जवान को तैनात किया गया है। इसके अलावा एहतियात के तौर पर शहर में मंगलवार की संध्या सिटी एसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया था। फ्लैग मार्च में रैफ के जवान, जिला पुलिस के जवान आदि शामिल थे। फ्लैग मार्च सीसीआर से निकल कर साकची, मानगो, बिष्टुपुर, धतकीडीह, सोनारी, कदमा, टेल्को, जुगसलाई होते हुए वापस सीसीआर पहुंच कर समाप्त हो गया था।

मुंबइया शीर-खुर्मा सेवईं का नया ट्रेंड

सेवइयों के साथ ही इस साल शीर-खुर्मा का नया ट्रेंड चला है। शीर-खुर्मा रेडी टू मेड सेवईं जैसा है और इसका जायका लोगों की पहली पसंद बन गया है। इस साल शीर-खुर्मा के हजारों पैकेट बाजार से हाथों-हाथ बिक गए। चांद रात को शीर-खुर्मा की बाजार में किल्लत हो गई। लोग शीर-खुर्मा की तलाश में धतकीडीह, मानगो, जुगसलाई और साकची की बाजारों में गए लेकिन, शीर-खुर्मा नहीं मिला। शीर-खुर्मा के 150 ग्राम के एक पैकेट की कीमत 65 रुपये है। यूं तो शीर-खुर्मा हर साल शहर में हर साल बिकने आता है। लेकिन, इसकी मांग में पिछले साल से इजाफा होना शुरू हुआ। साकची के अख्तर बताते हैं कि पिछले साल शहर में शीर-खुर्मा के तकरीबन आठ हजार पैकेट बिके थे। लेकिन, इस साल शहर में शीर-खुर्मा के 55 हजार पैकेट मंगाए गए थे जो सारे बिक गए। 

एक पैकेट में बनता है एक किलो शीर-खुर्मा

जमशेदपुर के मानगो में ईद की नमाज अदा करते लोग।

एक पैकेट में एक किलो शीर-खुर्मा बनता है। शीर का मतलब होता है दूध। शीर-खुर्मा में सेवइयां मौजूद होती हैं। बस इसमें एक किलो दूध मिला कर पका लेने से शीर-खुर्मा तैयार हो जाता है। इसे तैयार करना भी बेहद आसान है। 

एक ही पैकेट से बना सकते हैं तीन जायके 

इसके एक पैकेट से चार किस्म के जायके वाला शीर-खुर्मा बनाया जा सकता है। इसके मसाले को दूध में डालने के बाद कस्टर्ड मिला कर उबालते हैं। इसके बाद इसे मेहमान के सामने पेश करते हैं। दूसरे किस्म का जायका दूध डाल कर उबालने के साथ ही इसमें एक कप क्रीम डाल कर मेहमान के सामने अलग जायके का शीर-खुर्मा पेश कर सकते हैं। देशी घी के साथ पकाने में इसका जायका कुछ और होता है। 

ईद पर खप गई 80 मीट्रिक टन सेवईं व लच्छे 

शहर में ईद पर सेवइयों और लच्छों की बहार रही। इस ईद पर शहर में सेवइयों का थोक बाजार भी तैयार हुआ। यहां से पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण इलाकों के अलावा, आसपास के शहरों में भी सेवइयां गईं। जमशेदपुर से पुरुलिया, राउरकेला, चाईबासा, समेत अन्य शहरों के फुटकर कारोबारी यहीं से सेवइयां लेकर गए। इस साल शहर में पटना और पंजाबी लच्छे खूब बिके। 

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