जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। सीने में उठनेवाले दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह कहना था ब्रह़मानंद नारायणा अस्‍पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अभय कृष्‍णा का।

वे महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीने में उठनेवाले दर्द से संबंधित एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर डॉ. अभय कृष्णा ने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति को बहुत तेज सीने में दर्द होता है और वह इसे हार्ट अटैक समझकर परेशान हो जाता है।

यह सच है कि हार्ट अटैक होने पर सीने में दर्द होता है, लेकिन हर बार सीने में दर्द का कारण हार्ट अटैक ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इस तरह के दर्द के कई कारण हो सकते है। डॉ. अभय कृष्णा ने कहा कि पेट में परेशानी, अपच व गैस के कारण छाती में दर्द होना सामान्य है।

दरअसल, जब आप अपने खाने का ख्याल नहीं रखते तो इससे पेट में एसिडिटी होती है और पित्त की थैली में बनी यह गैस छाती की तरफ जाती है और व्यक्ति को सीने में दर्द होता है। वहीं कुछ लोगों को खांसने, छींकने या सांस लेने पर सीने में दर्द की शिकायत होती है।

वैसे टीबी की समस्या होने पर भी छाती में दर्द हो सकता है। सीने की भीतरी दीवारों पर सूजन हो जाती है। यह सूजन इतनी गंभीर होती है कि व्यक्ति को सांस लेने पर भी छाती में तेज दर्द होता है। छाती में दर्द का एक मुख्य कारण हार्ट अटैक भी है।

अगर आपके सीने में बाईं तरह दर्द हो रहा है तो यह हार्ट अटैक की वजह से हो सकता है। इसके साथ ही पसली के टूटने, मांसपेशियों में दर्द या फिर फ्रैक्चर के कारण नसों पर दबाव पड़ता है और व्यक्ति को सीने में दर्द शुरू हो जाता है। ऐसी स्थिति में संबंधित डॉक्टर को दिखाने चाहिए। ताकि, ईसीजी, इको, टीएमटी या फिर जरूरत पडऩे पर एंजीयोप्लास्टी कर मरीजों की जान बचायी जा सकें।  इस अवसर पर डॉ. निर्मल कुमार, डॉ. पी. सरकार, डॉ. बलराम झा, डॉ. जेपी मिश्रा सहित जूनियर व इंटर्न डॉक्टर उपस्थित थे।  

Posted By: Vikas Srivastava

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