जमशेदपुर : सुबह मात्र 10 मिनट करें यह आसन, मजबूत पाचन तंत्र के साथ मिलेंगे एक साथ कई फायदे।आज भाग दौड़ के समय लोगों को अपने शरीर के लिए भी समय निकालना मुश्किल हो गया है। सोनारी की योगा व रेकी एक्सपर्ट पूनम वर्मा कहती हैं, यदि स्वस्थ रहना है तो सबसे अच्छा और सटीक उपाय है योग करना। इसके नियमित करने से न केवल आप स्वस्थ और सुखी रहते हैं बल्कि आपकी इम्युनिटी सिस्टम भी मजबूत होता है। आज हम आपके लिए लाए है हलासन आसन। इस आसन को नियमित करने पर वजन कम होता है, शरीर को मजबूती मिलती है। इसके साथ ही है कई और फायदें।

जानिए हलासन आसन

हलासन दो शब्द हल और आसन से मिलकर बना है। हल अतार्थ जमीन को खोदने वाला कृषि यंत्र और आसन बैठने की मुद्रा। इस योग को करने में शरीर की मुद्रा हल की तरह होता है। जिसे अंग्रेजी में प्लो पोज कहते हैं। इस योग के कई फायदे हैं।

ऐसे करें हलासन

  • सबसे पहले खुले समतल स्थान पर मैट या दरी बिछा लें
  • अब इस पर पीठ के बदल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को मैट पर रखें
  • अब धीरे-धीरे अपने पैरों को एक सीध में उपर उठाएं।
  • फिर कमर के सहारे अपने सिर के पीछे ले जाएं
  • इसे तब तक सिर के पीछे ले जाएं, जब तक आपके पैर जमीन को न छूल लेंं
  • अब अपनी क्षमता के अनुसार इस मुद्रा में रहं
  • फिर अपनी नार्मल पोजिशन में आ जाएं
  • इस योग को रोजाना पांच बार जरूरत करें।

हलासन करने के फायदे

  • यह पाचन तंल के अंगों की मसाज करता है और पाचन सुधारने में मदद करता है।
  • हलासन मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और वजन घटाने में मदद करता है।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बेस्ट आसन है, क्योंकि यह शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।
  • यह रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाता है और कमर दर्द में आराम देता है।
  • हलासन का अभ्यास स्ट्रेस और थकान से निबटने में भी मदद करता है।
  • इसके नियमित अभ्यास से दिमाग को शांति मिलती है।
  • इस आसन से रीढ़ की हड़डी और कंधों को अच्छा खिंचाव मिलता है।
  • यह थायराइड ग्रंथि से जुड़ी समस्याओं का भी खतरा को कम करने में मदद करता है।

हलासन के अभ्यास से सावधानियां

  • डायरिया या गदर्न में चोट की समस्या है तो इसका अभ्यास न करें।
  • अगर आप हाई बीपी या अस्थमा के मरीज हैं तो यह आसन न करें।
  • इसका अभ्यास किसी योग्य योग ट्रेनर की देखरेख में ही शुरू करें।
  • शुरूआत में आप अपनी गर्दन पर ज्यादा खिंचाव महसूस कर सकते हैं।
  • कंधों का दबाव कान पर बनाने की कोशिश करें, इससे कनपटी ओर गला मुलायम बनते हैं।

हलासन करने से पहले जान लें तीन बातें

  • बेहतर होगा कि हलासन का अभ्यास सुबह के समय और खाली पेट करें।
  • किसी कारण से आप यदि सुबह इसे नहीं कर पाते हैं तो हलासन का अभ्यास शाम को भी किया जा सकता है।
  • ध्यान रहे कि आसन के अभ्यास से पहले शौच जरूर कर लें ओर भोजन भी अभ्यास से 4-6 घंटे पहले किया गया हो तो बेहतर हेागा।

Edited By: Jitendra Singh