जमशेदपुर से मात्र डेढ़ घंटे में पकड़ सकेंगे फ्लाइट: धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को लेकर विमानपतन प्राधिकरण का बड़ा अपडेट
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण की सभी बाधाएं अब लगभग दूर हो गई हैं, जिससे पहले चरण में 100 हेक्टेयर जमीन ...और पढ़ें

जमशेदपुर अतिथिशाला में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को लेकर चर्चा करते सांसद बिद्युत बरण महतो व अन्य।
HighLights
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण की सभी बाधाएं अब लगभग दूर।
वन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी, बड़े पेड़ नहीं कटेंगे।
75 हजार लोगों को रोजगार, नया शहर विकसित होगा।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। धालभूमगढ़ में बहुप्रतीक्षित एयरपोर्ट निर्माण के रास्ते में आ रही बाधाएं अब लगभग पूरी तरह दूर हो गई हैं। प्रथम फेज के तहत कुल 100 हेक्टेयर जमीन पर एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में भारतीय विमानपतन प्राधिकरण (AAI) द्वारा मांगी गई रिपोर्ट को लेकर शनिवार को मानगो गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो, जमशेदपुर के वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) सबा आलम अंसारी, रेंजर दिग्विजय सिंह और रेंजर दिनेश चंद्रा शामिल हुए।
वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट
बैठक के दौरान डीएफओ सबा आलम अंसारी ने सांसद को सूचित किया कि प्रथम फेज के 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एयरपोर्ट निर्माण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट को तैयार कर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेज दिया गया है।
दिल्ली स्थित मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद यह रिपोर्ट भारतीय विमानपतन प्राधिकरण (नई दिल्ली) को प्रेषित की जाएगी, जिसके बाद सरकार आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू करेगी।
बड़ा पेड़ नहीं कटेगा, बांस को माना गया घास
सांसद बिद्युत बरण महतो ने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय टीम ने हाल ही में धालभूमगढ़ का दौरा किया था। टीम के एक्सपर्ट्स ने साफ किया है कि पहले फेज के निर्माण के लिए किसी भी बड़े पेड़ को नहीं काटा जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में एक गलत रिपोर्ट चली गई थी, जिसमें बांस के पौधों को पेड़ों की गिनती में शामिल कर लिया गया था। सरकारी नियमानुसार बांस एक 'घास' की श्रेणी में आता है, जिसे हटाया या काटा जा सकता है।
75 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, बसेगा नया शहर
जमीन का पूरा ब्योरा (Land Allocation Details):
- देवशोल 3.32 0.126
- कोकपाड़ा 41.327 0.259
- रूआसोल 0.065 0.02
- बुरूडीह 38.336 0.00
- चारचक्का 13.713 0.00
एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जमीनी वर्गीकरण:
- आपरेशनल एरिया: 90.429 हेक्टेयर
- प्रस्तावित रनवे: 5.216 हेक्टेयर
- एप्रान: 0.942 हेक्टेयर
- टर्मिनल बिल्डिंग: 0.14 हेक्टेयर
- फायर स्टेशन: 0.036 हेक्टेयर
झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को मिलेगा सीधा फायदा
इस एयरपोर्ट का लाभ झारखंड के जमशेदपुर, चाईबासा, घाटशिला, चक्रधरपुर, सरायकेला, आदित्यपुर, मुसाबनी, पोटका और बहरागोड़ा के निवासियों को मिलेगा। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जिले जैसे ओडिशा के बारीपदा व रायरंगपुर और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया व झाड़ग्राम के लाखों लोग भी इससे सीधे लाभांवित होंगे।