धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को जल्द मिलेगी फॉरेस्ट क्लीयरेंस, सालाना 52 हजार यात्री भरेंगे उड़ान
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को केंद्र सरकार के परिवेश पोर्टल पर दोबारा सूचीबद्ध किया गया है। वन भूमि के नुकसान की ...और पढ़ें

केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत वर्ष 2019 में द्वितीय विश्व युद्ध काल की पुरानी हवाई पट्टी पर इस एयरपोर्ट का शिलान्यास हुआ था।
HighLights
परियोजना परिवेश पोर्टल पर पुनः सूचीबद्ध, फॉरेस्ट क्लीयरेंस की उम्मीद बढ़ी।
वन भूमि नुकसान से 48 गुना अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा।
एयरपोर्ट से सालाना 52 हजार यात्री, स्थानीय रोजगार को बढ़ावा।
29 करोड़ का नुकसान, 1438 करोड़ का लाभ
सालाना 52 हजार यात्री करेंगे सफर
इस एयरपोर्ट के चालू होने से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा।
- यात्री क्षमता: अनुमान है कि एयरपोर्ट शुरू होने पर प्रतिवर्ष 52,000 यात्री हवाई सफर करेंगे।
- राजस्व: अगले 50 वर्षों में यात्रियों से लगभग ₹1,300 करोड़ का विशाल राजस्व प्राप्त होगा। इसके अलावा एयरलाइंस फीस और अन्य शुल्कों से भी करोड़ों की अतिरिक्त आय होगी।
रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे:
- अस्थायी रोजगार: निर्माण कार्य के दौरान 250 मजदूरों को 300 दिनों का सीधा काम मिलेगा।
- स्थायी रोजगार: एयरपोर्ट के सुचारू संचालन के लिए 50 स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
- अप्रत्यक्ष लाभ: लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।