जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। शहर में डेंगू मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। साथ ही बढ़ रही है रक्‍त में पाए जानेवाले प्‍लेटलेट़स की मांग।

डेंगू मरीजों की संख्‍या बढ़ने से ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। खून की तरह ही लोग प्लेटलेट्स की तलाश में लोग इसे लेने पहुंच रहे है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में डेंगू के हालात क्या है? जमशेदपुर ब्लड बैंक से प्रतिमाह करीब 600 यूनिट खपत होने वाली प्लेट्लेट्स की मांग बढ़कर 2500 यूनिट तक पहुंच गई है। जबकि खून की मांग प्रतिमाह लगभग 3300 यूनिट के बराबर है। शहर में डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

अबतक 231 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं डेंगू के सौ से अधिक संदिग्ध मरीज शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है। डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जैसे रोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देते हैं, जिसका असर रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या पर पड़ता है। हर साल अगस्त से नवंबर माह तक प्लेटलेट्स की मांग रहती है। हालांकि, इसबार जमशेदपुर ब्लड बैंक में पर्याप्त प्लेटलेट्स है। इसलिए मरीजों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी डेंगू मरीजों की संख्‍या और बढ़ेगी। हालांकि इसकी रोकथाम के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।

एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में चाल लाख तक होती प्लेटलेट्स

एक वस्स्थ व्यक्ति के एक घन मिलीलीटर खून में प्लेटलेट्स की संख्या डेढ़ लाख से चार लाख तक होती है। डेंगू होने पर प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगता है। जिसके कारण मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। प्लेटलेट्स का मुख्य कार्य शरीर में रक्त स्त्राव होने से रोकना है। 

Posted By: Vikas Srivastava

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