चक्रवाती तूफान 'अर्णव' का दिखेगा असर: कोल्हान समेत झारखंड में 4 दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट
चक्रवाती तूफान अर्णव का असर मंगलवार से कोल्हान में दिखने की संभावना है, जिसके चलते झारखंड में अगले चार दिनों ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
चक्रवाती तूफान अर्णब का असर मंगलवार से कोल्हान में
झारखंड में अगले चार दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट
28-29 अक्टूबर के लिए ऑरेंज अलर्ट, रहें सतर्क
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। चक्रवाती तूफान अर्णव का असर मंगलवार से कोल्हान में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने झारखंड में अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है। मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वहीं, जिला प्रशासन भी तूफान के संभावित असर को देखते हुए तैयारी में जुट गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार से तूफान का असर कोल्हान प्रमंडल के मौसम पर पड़ सकता है। इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है। अचानक मौसम बदलने से लोगों को परेशानी हो सकती है।
ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन दो दिनों में तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात होने की आशंका है।
ऐसे मौसम में पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। खुले मैदान में रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से भी परहेज करना चाहिए।
30 अक्टूबर को फिर येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर को भी तूफान का असर बना रह सकता है। इसे देखते हुए फिर से येलो अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार कई दिनों तक मौसम खराब रहने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। खासकर बारिश और तेज हवा के दौरान वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
मौसम विभाग के 26 अक्टूबर को जारी बुलेटिन के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्णव पश्चिम-मध्य और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है।
सोमवार सुबह 11:30 बजे तूफान का केंद्र 15.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 88.2 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास था। यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 550 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से 580 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था।
बुलेटिन के अनुसार, तूफान के 26 अक्टूबर की शाम तक और ताकतवर होने तथा 27 अक्टूबर को अति प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।
इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम के निकट पहुंचने का अनुमान है।
उस समय हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। हालांकि, तूफान का सबसे गंभीर असर आंध्र प्रदेश और उससे लगे तटीय इलाकों में पड़ने का अनुमान है।
