जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। बिष्टुपुर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े गोविंदपुर के छोटा गोविंदपुर व पटेलनगर निवासी राहुल कुमार मिश्र को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के सरगना मानगो शंकोसाइ निवासी महेश पोद्दार के घर से 13 लाख रुपये नकद बरामद किया। अलमीरा में एक अटैची में यह पैसा रखा पाया गया। साथ ही, विभिन्न बैंकों की चेकबुक और पासबुक समेत सात एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। मानगो निवासी महेश पोद्दार की तलाश पुलिस कर रही है। गिरोह तीन वर्ष से साइबर अपराध में सक्रिय था।

साइबर पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य आनलाइन सौपी पे डॉट कॉम नामक साइट चलाते थे। इस गिरोह में राहुल कुमार मिश्र, महेश पोद्दार, धीरज कुमार व राहुल कुमार केशरी शामिल हैं। इन्होंने एक करोड़ से अधिक की हेराफेरी की है। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।

परसुडीह थाना क्षेत्र छोटा गोविंदपुर साईं मंदिर रोड गदरा निवासी नितेश कुमार सिंह ने नौकरी दिलाने के बहाने उसके नाम पर तीन अलग-अलग बैंकों का खाता, एटीएम कार्ड व बैंक कीट्स में नाम पर तीन सिम कार्ड जारी करवा कर हड़प लेना, एकाउंट से 20 लाख रुपये निकासी दिखाते हुए देश के विभिन्न लोगों के साथ ठगी करने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा 

साइबर थाना प्रभारी उपेंद्र मंडल ने बताया कि पीड़ित नितेश कुमार सिंह बीसीए पास बेरोजगार है। इसके परिचित एजिस कॉल सेंटर में काम करने वाले राहुल कुमार मिश्र ने महेश कुमार पोद्दार से परिचय कराया। उसके साथ मिलकर कंप्यूटर पार्टस डिस्ट्रीब्यूटरशिप करने की योजना बनाई। महेश ने फिल्ड जॉब करने के लिए जॉब आफिसर के पद पर उसे 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर बहाल करने को कहा। साथ ही, नितेश कुमार सिंह के नाम पर तीन बैंक खाते खुलवाने को कहा। नितेश राजी हो गया।

साइबर फ्रॉड करनेवाले से बरामद दस्‍तावेजों की जांच करते पुलिस अधिकारी 

राहुल ने उसका पैन कार्ड और आधार कार्ड लेकर आइसीआइसीआइ बैंक मानगो, फेडरल बैंक ऑफ इंडिया गोलमुरी और आइडीबीआइ साकची में तीन खाते खुलवाए। यही नहीं तीन सिम कार्ड भी खरीद लिए। राहुल ने उसे बताया कि एक खाते में सैलरी, दूसरे में पीएफ और तीसरे में कंपनी पेट्रोल मद में राशि भेजेगी। सभी खाते महेश ने अपने पास रख लिए। खाते से रुपये निकल न जाए इसलिए वह पासबुक व एटीएम अपने पास रख लिया। तीन जनवरी को आइसीआइसीआइ बैंक के दो अधिकारी नितेश के घर पर आए और बताया कि खाते से फर्जीवाड़ा हुआ है। जब नितेश ने बताया कि खाता उसके पास नहीं है तो अधिकारियों ने बैंक स्टेटमेंट दिखाया, तब पता चला कि रोजाना हजारों रुपये का ट्रांजेक्शन हो रहा है। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

लिंक शेयर और रजिस्ट्रेशन के नाम पर करते थे ठगी

साइबर थाना प्रभारी उपेंद्र मंडल ने बताया कि गिरोह का सरगना महेश कुमार पोद्दार शहर समेत देश में कई को चूना लगा चुका है। जांच में पाया गया है कि नितेश कुमार सिंह के नाम से लिए खोले गए तीन खातों से हर रोज गिरोह के सदस्य 50 हजार से ज्यादा की हेराफेरी करते थे। ओएलएक्स पर सामान की खरीद-बिक्री और नौकरी का प्रलोभन देकर लोगों के खाते से रुपये उड़ा लेते थे। नितेश ने पुलिस को बताया कि सौपी पे डॉट कॉम से यह खेल हो रहा था। मुंबई के एक युवक ने नौ हजार 24 रुपये का क्लेम किया है। युवक ने बताया था कि उसने फोन का आर्डर किया था। रकम जमा के बाद भी फोन नहीं मिला। जब नितेश ने राहुल मिश्र को इसकी जानकारी दी तो उसने महेश पोद्दार को बताया। इसके बाद मुंबई के युवक का रुपया महेश ने वापस कर दिया।

नितेश के बचपन का मित्र है राहुल मिश्र

नितेश कुमार सिंह का राहुल मिश्र बचपन का मित्र है। घरेलू संबंध भी है। बावजूद राहुल कुमार मिश्र ने नितेश कुमार सिंह को नौकरी का झांसा देकर उसके दस्तावेज का गलत उपयोग किया।

 

Posted By: Vikas Srivastava

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