जासं, जमशेदपुर: कोरोना वायरस के संदर्भ में कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। इन्हीं अफवाहों में एक न्यूज पेपर को लेकर भी थी। लॉकडाउन शुरू होने के बाद दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद अब यह साफ हो गया कि समाचार पत्रों से कोरोना नहीं फैलता है। देश में अब तक एक भी ऐसा मामला नहीं आया है। शहर के अनेक दिग्गजे दैनिक जागरण अखबार पढ़कर देश-विदेश व शहरी क्षेत्र की सच्ची खबरों से अवगत हो रहे हैं। प्रस्तुत है उनकी राय..।

अखबार का कोरोना वायरस से कोई लेना देना नहीं

मैं नियमित अखबार पढ़ता हूं। बिना अखबार पढ़े मैं कोई काम नहीं करता। मुझे सुबह उठने के बाद सबसे पहले चाय के साथ अखबार चाहिए। लोगों में यह गलत धारणा है कि अखबार को छूने या पढ़ने से कोरोना का संक्रमण हो सकता है। यह बेबुनियाद है। कोई भी अखबार सैनिटाइज होकर ही हम तक पहुंचता है। अखबार बाटने वाला कर्मयोगी भी हम तक सुरक्षित अखबार पहुंचाता है। यदि अखबार नहीं पढ़ेंगे तो देश दुनिया की जानकारी कैसे मिलेगी? इसलिए अखबार से किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।

- रामचंद्र सहिस, पूर्व मंत्री, झारखंड

प्रेस से सैनिटाइज होकर निकलता है समाचार पत्र

अखबार पढ़ना मेरी आदत में शुमार है। मेरी दिन की शुरुआत दैनिक जागरण से ही होती है। अखबार प्रेस से सैनिटाइज होकर ही घरों तक पहुंचता है। अखबार पहुंचाने वाले कर्मयोगी भी सतर्क रहते हैं। अखबार से कोरोना संक्रमण का कहीं कोई नाता नहीं है। मैं तो जब से कोरोना का नाम आया है तब से कभी भी अखबार से दूर नहीं रहा। देश-दुनिया की खबरों को जानने के लिए अखबार सबसे बेहतर माध्यम है। अपडेट रहने के लिए आप स्वयं व परिवार के लोगों को भी समाचार पत्रों को पढ़ने के लिए प्रेरित करते रहिए।

-जगदीश प्रसाद यादव, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, जुगसलाई

अफवाहों पर न जाएं, सही जानकारी अखबार से मिलेगी

सोशल मीडिया पर तमाम अफवाहें उड़ रही हैं, जिसपर भरोसा नहीं किया जा सकता है। अखबार पढ़ने से कोरोना वायरस नहीं होता है। अगर, ऐसा होता तो हमलोग खुद ही अखबार नहीं पढ़ते। मेरे दिन की शुरुआत अखबार से ही होती है। अखबार में स्थानीय से लेकर देश व विदेश की खबरें होती हैं। अखबार ही एक ऐसा माध्यम है, जिसपर भरोसा किया जा सकता है। काफी जाच-पड़ताल के बाद खबरें छापी जाती हैं। इसलिए आपको भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। अखबार पढ़ें। वह पूरी तरह से सुरक्षित है। अखबार पढ़ने से कई नई-नई जानकारिया जानने-समझने को मिलती हैं। कोरोना से संबंधित अपडेट जानकारी मुझे अखबार के माध्यम से ही मिलती है।

- डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी, उपाधीक्षक, एमजीएम अस्पताल।

रोजाना सुबह पढ़ता हूं अखबार, पूरी तरह से है सुरक्षित

39 साल से मैं चिकित्सा सेवा से जुड़ा हूं। महात्मा गाधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर भी रहा और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) का अध्यक्ष भी। लेकिन, आज तक मैं न तो किसी किताब में पढ़ा और न ही किसी सेमिनार में सूना कि अखबार पढ़ने से कोरोना वायरस होता है। अगर, इस तरह की अफवाहें लोग उड़ा रहे है तो वह सारासर गलत है। सोशल मीडिया पर तो थोड़ा भी विश्वास करने लायक नहीं है। अखबार पढ़ने से कोरोना वायरस नहीं होता बल्कि स्थानीय स्तर से लेकर विश्वभर की महत्वपूर्ण खबरें मिलती हैं। मैं रोजाना अखबार पढ़ता हूं।

- डॉ. आरएल अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, आइएमए।

मैं समाचार पत्रों को नियमित पढ़ता हूं

दैनिक जागरण देश का भरोसेमंद अखबार है। बिना भ्रामक खबरें फैलाए, यह हमेशा सटीक खबरें पाठकों तक पहुंचाता है। कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के बावजूद भी मैंने नियमित रूप से अखबार पढ़ना जारी रखा। समाचार पत्रों को पढ़ने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है। इसे सैनिटाइज करने के बाद पाठकों तक पहुंचाया जाता है। इसलिए सभी नियमित रूप से अखबार पढ़ें।

विनीत कुमार, कारखाना निरीक्षक, जमशेदपुर

पाठकों तक जाने से पहले सैनिटाइज होता है अखबार

मैं हर दिन दैनिक जागरण पढ़ता हूं। मेरे हर दिन की शुरुआत अखबार के साथ होती है। लॉकडाउन के दौरान भी मैंने अखबार पढ़ना नहीं छोड़ा। कोरोना वायरस से समाचार पत्र पूरी तरह से सुरक्षित हैं। दैनिक जागरण हर दिर्न ंप्रट होने के बाद सैनिटाइज करने के बाद ही हम जैसे पाठकों के पास पहुंचाता है। स्वास्थ्य विभाग ने भी कह दिया है कि अखबार से कोरोना के वायरस नहीं फैलता। सोशल मीडिया के बजाए दैनिक जागरण की खबरों में विश्वसनीयता रहती है।

-सतीश कुमार्र ंसह, महामंत्री, टाटा वर्कर्स यूनियन अखबार से नहीं फैलता कोरोना वायरस

दैनिक जागरण अखबार से ही मेरी दिन की शुरुआत होती है। अखबार से कोरोना नहीं फैलता है। देश व विदेश की जानकारी प्राप्त करने का यह पूरी तरह से सुरक्षित माध्यम है। समाज में ऐसी भ्राति है कि अखबार से भी कोरोना फैल सकता है। यह पूरी तरह से निराधार है। हमें खुद व स्वजनों को भी देश-दुनिया से अपडेट रहने के लिए अखबारों को पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

- मंगल र्कांलदी, विधायक जुगसलाई

सटीक सूचना के लिए अखबार ही सशक्त माध्यम, पढ़ते रहना चाहिए साथियों, कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें प्रसारित हो रही हैं कि अखबार से वायरस का संक्रमण फैलता है। पर, यह बातें सरासर भ्रम फैलाने वाली हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का मानना है कि इनसे कोरोना का फैलना तथ्यात्मक रूप से बिल्कुल गलत है। आज के दिनों में प्रमुख अखबार काफी उच्च तकनीक के साथ प्रिंट होते हैं। इसमें मानवीय हस्तक्षेप न के बराबर होता है। इसके अलावा आज के हालातों में अखबारों ने सुरक्षा के कुछ और उपाय भी किए हैं। ये कदम पाठकों की सुरक्षा को देखते हुए उठाए गए हैं। ऐसे में आप क्यों उन सूचनाओं से दूर रहें जो सटीक और विश्वसनीय हैं, जिन्हें काफी रिसर्च के बाद प्रकाशित किया जाता है। घर में रहकर आप अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रखें। दरअसल, बहुत सारे आवासीय परिसरों में लोगों ने हॉकरों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है और बहुत सारे स्थानों पर हॉकरों ने स्वयं भी अखबार बाटना बंद कर दिया है। यह पूरी तरह से गलत है। सही और सटीक सूचना के लिए अखबार ही सशक्त माध्यम हैं। इस आपदा में आप अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। लॉकडाउन का घर में रहकर पालन करें। अखबार पढ़ें, कोरोना से संबंधित देश-दुनिया में चल रहे शोध से भी आप खुद को अपडेट करते रहें। अखबार से कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की कोई आशका नहीं है।

-सौरभ तिवारी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर

अखबार का नियमित पाठक हूं, समाचार पत्र पूरी तरह से सुरक्षित

मैं अखबार का नियमित पाठक हूं। सुबह-सुबह अखबार खोलकर स्थानीय से लेकर देश-दुनिया की खबरें जानने की जिज्ञासा बनी रहती है। इधर, कुछ दिनों से यह अफवाह फैली है कि समाचार पत्रों को पढ़ने से कोरोना का संक्रमण होता है, जो पूरी तरह से गलत व भ्रामक है। अखबार पढ़ने से कोरोना नहीं फैलता है। कोरोना काल में अखबारों को सैनिटाइज करने का काम भी हो रहा है। इसको बाटने वाले भी काफी सर्तकता से काम कर रहे हैं। हाथों को सैनिटाइज करने से लेकर मॉस्क व ग्लब्स पहनने लगे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई संगठनों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अखबार पढ़ने से कोरोना का संक्रमण नहीं फैलता है। अखबार समाज का आइना है। इससे दूर रहना सही नहीं होगा। अखबार पढ़ने से घर बैठे स्थानीय, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की खबरें मिलती हैं। हमें अखबार से नहीं बल्कि कोरोना से बचने के लिए शारीरिक दूरी बनाकर रहना है।

-डॉ. एसएल श्रीवास्तव, चीफ मेडिसीन एंड आइसीयू, टाटा मोटर्स अस्पताल।

Posted By: Jagran

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