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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंटक नेता ओपी लाल के निधन से शहर में शोक की लहर

By JagranEdited By:
Published: Tue, 24 Nov 2020 06:00 AM (IST)

ओपी लाल बिहार के पूर्व मंत्री व बाघमारा विधानसभा से तीन बार विधायक रहे हैं।

इंटक नेता ओपी लाल के निधन से शहर में शोक की लहर
इंटक नेता ओपी लाल के निधन से शहर में शोक की लहर

जासं, जमशेदपुर : पूर्व मंत्री व इंटक के वरीय नेता ओपी लाल के निधन से शहर में शोक की लहर है। बीते रविवार को ओपी लाल का निधन रांची में हो गया। कुछ दिन से उनकी तबियत खराब चल रही थी। उनके निधन की खबर सुनते ही शहर के इंटक नेता शोकाकुल हो गए। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने कहा कि ओपी लाल एक सुलझे व कुशल नेता थे। उनकी कमी संगठन को सदैव खलेगी। उधर, झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव, यूथ इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री व झारखंड इंटक के कोषाध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव ने ओपी लाल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। ओपी लाल बिहार के पूर्व मंत्री व बाघमारा विधानसभा से तीन बार विधायक रहे हैं। संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि मजदूरों की राजनीति करते हुए ओपी लाल राजनीति के शिखर तक पहुंचे थे। वर्ष 1985 और और1990 कि तत्कालीन सरकार में मंत्री रह चुके लाल तीन-तीन बार विधायक भी रहे। तत्कालीन बिहार और बाद में झारखंड के शीर्षस्थ नेता रहे ओपी लाल वर्तमान में झारखंड इंटक के वरीय उपाध्यक्ष थे।राष्ट्रीय इंटक में पिछले दो दशक से सचिव का दायित्व संभाले ओपी लाल मजदूरों के बीच लोकप्रिय थे। उनका इस तरह जाना मजदूर वर्ग और विशेषकर इंटक के लिए अपूरणीय क्षति है। श्रीवास्तव ने आगे कहा कि पहले राजेंद्र प्रसाद सिंह का जाना और फिर ओपी लाल का देहावसान मजदूर वर्ग के लिए विशेषकर झारखंड इंटक के लिए बहुत ही नुकसानदायक है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है। यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पांडेय ने भी ओपी लाल के निधन पर शोक जताया है।