जमशेदपुर, जासं। केद्र सरकार पर कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसानों के साथ-साथ मज़दूर वर्ग भी आंदोलन कर रहा है। इसी कड़ी में मजदूर संगठन सीटू ने शुक्रवार को गिरफ्तारी देने का निर्णय लिया है।

 भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के महासचिव (कोल्हान कमेटी) विश्वजीत देव ने बताया कि आठ जनवरी को राष्ट्रीय विरोध दिवस मनाए जाने का आह्वान किया गया है। मजदूर वर्ग के देशव्यापी इस कार्यक्रम के तहत सीटू की कोल्हान समिति द्वारा जमशेदपुर मे 8 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष 10 सूत्री मांग पत्र पर कार्यकर्ताओं द्वारा सत्याग्रह कर गिरफ्तारी देने का कार्यक्रम है।

कोरोना की वजह से होगी सीमित उपस्थिति

मजदूरों और कर्मचारियों की लंबित मांगों लेकर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के उद्देश्य से सीटू के नेता और कार्यकर्ता आठ जनवरी को साकची स्थित आमबगान मैदान से दोपहर 11:30 बजे पदयात्रा करते हुए उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने के लिए जाएंगे। कोविड-19 (कोरोना) से संबंधित प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए यह कार्यक्रम सीमित उपस्थिति के साथ शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा।

सीटू की 10 सूत्री मांग

1. सभी चार श्रम संहिताओं को निरस्त करो  

2. तीन कृषि कानूनों को निरस्त करो 

3. बिजली बिल 2020 को वापस लो 

4. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण बंद करो

5. सभी गैर आयकर दाता परिवारों के लिए 7500 रुपये प्रति माह का नकद हस्तांतरण सुनिश्चित करो 

6. सभी जरूरतमंदों को 10 किलो खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रति माह सुनिश्चित करो  

7.कम से कम 700 रुपये दैनिक मजदूरी के साथ 200 दिन मनरेगा के तहत काम कानूनी रूप से लागू रोजगार गारंटी योजना का शहरी क्षेत्रों में विस्तार करो

8.एनपीएस निरस्त करो, पुरानी पेंशन प्रणाली को लागू करो 

9. सभी को सामाजिक सुरक्षा दो 

10. मुफ्त कोविड टीकाकरण सहित सार्वभौमिक निश्शुल्क स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करो

 

Edited By: Rakesh Ranjan