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रोज 5 किमी पैदल चलने वाली बासंती का कमाल! CISF की ओर से तीरंदाजी में जीते 4 स्वर्ण पदक

Published: Thu, 29 Oct 2026 12:39 PM (IST)

बासंती महतो ने रांची में आयोजित 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता में CISF का प्रतिनिधित्व करते हुए 6 पदक ...और पढ़ें

बासंती महतो ने रांची में 6 तीरंदाजी पदक जीते।जागरण

बासंती महतो ने रांची में 6 तीरंदाजी पदक जीते।जागरण

HighLights

  1. बासंती महतो ने रांची में तीरंदाजी प्रतियोगिता में छह पदक जीते।

  2. चार स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर पुरुलिया का मान बढ़ाया।

  3. वर्ष 2018 में बड़ाबाजार की लक्ष्य तीरंदाजी अकादमी से शुरू किया था अभ्यास।

संवाद सूत्र, बड़ाबाजार। जंगलमहल के सुदूर गांव के एक साधारण परिवार की बेटी बासंती महतो ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी के मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026 में CISF की ओर से हिस्सा लेते हुए उन्होंने छह पदक जीतकर पुरुलिया जिले का गौरव बढ़ाया। उनके खाते में चार स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक आए हैं।

22 से 26 अक्टूबर तक रांची के खेलगांव में आयोजित इस प्रतियोगिता में बासंती ने पहले और दूसरे 70 मीटर राउंड में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, 50 मीटर स्पर्धा में रजत और ओवरऑल परिणाम में स्वर्ण पदक हासिल किया। मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता, जबकि टीम स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया।

बासंती की इस शानदार सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत और लगन है। उन्होंने 2018 में बड़ाबाजार की ‘लक्ष्य’ तीरंदाजी अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया था। प्रतिदिन करीब पांच किलोमीटर का रास्ता तय कर वह अभ्यास करने जाती थीं। वर्ष 2019 में उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के साल्टलेक केंद्र में उन्नत प्रशिक्षण का अवसर मिला।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बासंती ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। एशिया कप, एशियन यूथ आर्चरी चैंपियनशिप और आर्चरी प्रीमियर लीग में भी वह अपनी सफलता का परचम लहरा चुकी हैं।

बड़ाबाजार के एक सुदूर गांव से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचने वाली बासंती की उपलब्धि न केवल पुरुलिया, बल्कि पूरे जंगलमहल के लिए गर्व और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। 

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