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झारखंड और बंगाल के बीच नई रेललाइन को हरी झंडी, फाइनल सर्वे शुरू; 127 KM ट्रैक से बदलेगी तस्वीर

Published: Sat, 10 Oct 2026 07:00 AM (IST)

चांडिल और झाड़ग्राम को जोड़ने वाली 127 किलोमीटर लंबी नई रेल परियोजना का फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू हो गया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. चांडिल-झाड़ग्राम नई रेल परियोजना का फाइनल सर्वे शुरू।

  2. 127 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन से यातायात होगा सुगम।

  3. कई गांवों को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी, अगस्त 2027 तक सर्वे।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। चांडिल को झाड़ग्राम को जोड़ने के लिए नई रेल परियोजना का फाइनल सर्वे शुरू हो गया है।

इस परियोजना के तहत 127 किलोमीटर नया रेललाइन तैयार होगा जिससे झाड़ग्राम के लिए नई बाईपास भी बन जाएगा। जिससे रांची की ओर से आने वाली ट्रेनों को सहूलियत होगी और ट्रैफिक कम होगी।

सांसद बिद्युत वरण महतो की पहल पर रेल मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस परियोजना को हरी झंड़ी दिखाते हुए 343.97 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर चांडिल और नीमडीह क्षेत्र के अलावा बोड़ाम व पटमदा प्रखंड, कटिन, बांदवान और झाड़ग्राम क्षेत्र के सुदूर गांव भी रेललाइन से जुड़ जाएंगे।

फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू

इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसके लिए रेल मंत्रालय द्वारा 3.81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए है।

इसके तहत रेलवे की तकनीकी टीम रूट का एलाइनमेंट तय करने, स्टेशनों के लिए स्थानों का चयन, ड्रोन व सैटेलाइट इमेज से जमीन का सर्वे शुरू किया है। फाइनल लोकेशन सर्वे का काम अगस्त 2027 तक चलेगी।

इसमें मिट्टी की जांच से लेकर नदियों-नालों में बनने वाले पुलों के लोकेशन और प्रस्तावित स्टेशनों की जमीन की मापी कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।

इस प्रोजेक्ट के तहत झारखंड में सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम बंगाल में झाड़ग्राम में प्रभावित होने वाले रैयती सहित सरकारी जमीन का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

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चांडिल से झाड़ग्राम के लिए नई रेललाइन बनने की मांग मैंने ही रेल मंत्रालय से की थी। इस क्षेत्र में रेललाइन बनने से चांड़िल को बोड़ाम, पटमदा, कटिन और बांदवान जैसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र रेल सेवा से जुड़ जाएंगे। रेल मंत्रालय से स्वीकृति के बाद इसमें फाइनल लोकेशन का काम शुरू हुआ है।

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बिद्युत बरण महतो, सांसद, पूर्वी सिंहभूम