पंकज मिश्रा, चाकुलिया : 'मंजिलों तक जिसे चलना आता है, समय को जिसे बदलना आता है। आसमान पर वही राज करता है, जिसे सूरज की तरह जलना आता है।'

चाकुलिया की बेटी अनन्या बक्शी भी सूरज की तरह तपने एवं चमक बिखेरने को तैयार हैं। महज 14 वर्ष की उम्र में ही राइफल निशानेबाजी प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर उसने अपनी प्रतिभा का डंका बजा दिया है। 25 नवंबर से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुरू हो रहे 64वें राष्ट्रीय राइफल शूटिग चैंपियनशिप प्रतियोगिता मे भाग लेने के लिए वह रवाना हो चुकी है। अनन्या शहर के टीचर्स कॉलोनी निवासी दिव्येंदु कुमार बख्शी एवं सीमा सरकार की पुत्री है। अनन्या के पिता दिव्येंदु एलएंडटी कंपनी में कार्यरत हैं जबकि मां सीमा शिक्षिका है। उसके दादा स्व असीत रंजन बख्शी शहर के जाने-माने शिक्षक रह चुके हैं। अनन्या फिलहाल ओडिशा के तालचेर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में कक्षा नौवीं की छात्रा है। उसके पिता दिव्येंदु ने बताया कि नवंबर 2019 में जब वह सातवीं कक्षा में थी, तभी उसने एयर राइफल निशानेबाजी का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। जोनल स्तर से होते हुए अप्रैल 2020 में अनन्या ने उड़ीसा स्तर पर क्वालीफाई कर लिया। इसके बाद 10 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2021 के बीच अहमदाबाद में आयोजित प्री नेशनल राइफल शूटिग प्रतियोगिता में उसने राज्य का प्रतिनिधित्व किया तथा सफलता का परचम लहराते हुए राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हो गई। बेटी की प्रतिभा को निखारने में माता-पिता ने भी कोई कसर बाकी नहीं रखी है। दिव्येंदु ने बताया कि उसे शूटिग की बारिकियां सिखाने कोलकाता से राइफल क्लब के कोच आते हैं। बुधवार शाम जब दैनिक जागरण ने उनसे संपर्क किया तो वे भोपाल जाने के क्रम में दिल्ली एयरपोर्ट पर थे। उन्होंने बताया कि 25 से प्रतियोगिता शुरू है और अनन्या का मैच 28 नवंबर को है। चाकुलिया के लोग अपनी बेटी के राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने पर गर्वित एवं प्रफुल्लित महसूस कर रहे हैं। साथ ही उसके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं।

Edited By: Jagran