चक्रधरपुर, जासं। गढ्डे भरी सड़कें और इस पर भी बरसात के पानी से लबरेज गढ्डे। इसके बावजूद यात्री वाहनों में ओवरलोड की दर में जरा भी तब्दीली नहीं आई। वाहनों से लटकते-झूलते पैसेंजर गंभीर हादसे को दावत दे रहे हैं। मवेशियों की तरह यात्रियों को वाहनों में लादकर ले जाना चिंताजनक है और किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता।

हादसे को दे रहे निमंत्रण

ज्ञात हो कि पूर्व में ओवरलोड वाहनों के दुर्घटना का शिकार होने पर कइ्र लोग जान गवां चुके हैं। यात्री वाहनों में लटक कर और कैरियर में बैठकर सफर करने वाले लोग किसी भी वक्त गंभीर हादसे का शिकार हो सकते हैं। प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई योजनाएं तैयार की थी। लेकिन योजनाओं को धरातल पर नहीं लाने के कारण यात्री वाहनों में मनमाने ढंग से यात्रियों को ठूंसा जाना जारी है। गाड़ियों के उपर, लटकर व झूलकर सफल करने वाले यात्री किसी भी वक्त झटके से चलती गाड़ी से गिर सकते है। जिससे गंभीर हादसा संभावित है। इस ओर स्थानीय प्रशासन का ध्यान नहीं है।

इस ट्रेन को किया गया रद्द

चक्रधरपुर। दक्षिण पूर्व सेन्ट्रल रेलवे के नागपुर रेल मंडल में चल रहे विकास कार्यों के कारण दक्षिण पूर्व रेलवे ने ट्रेन नंबर 18030 व 18029 शालीमार एलटीटी कुर्ला एक्सप्रेस का परिचालन 15 और 16 अगस्त को रद कर दिया है। ज्ञात हो कि कुर्ला एक्सप्रेस का परिचालन रेलवे ने 8 से 13 अगस्त तक रद कर रखा है। अब फिर रेलवे ने नई नोटिफिकेशन जारी कर कुर्ला एक्सप्रेस को 15 व 16 अगस्त को रद कर दिया है । ट्रेनों के लगातार रद होने से रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कोरोना काल के बाद ट्रेनों के परिचालन पर मानो जैसे काले बादल मंडरा रहे हो। कब कौन सी ट्रेन रद हो जाए इसका डर अब रेल यात्रियों को सताने लगा है।

पिछले दिनों रद्द किए गए थे 26 ट्रेन

पिछले दिनों रेलवे ने चक्रधरपुर रेल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनों को विभिन्न तिथियों में रद कर दिया था। जिससे आम रेल यात्रियों की यात्रा और उससे जुड़े कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए थे। जरुरी कार्य के लिए रेल सफ़र अब खतरे की घंटी की तरह हो गई है। मसलन आप इलाज कराने के लिए,पारिवारिक समारोह में तथा घूमने फिरने जाने के लिए एक महीने पहले आरक्षण टिकट लिया है। और आप की ट्रेन रद हो जाए तो सिर्फ आप अपना माथा पीटने के सिवाय कुछ नहीं कर सकते है। रेलवे सिर्फ आप को आरक्षण टिकट का पूरा पैसा वापस कर देता है। लेकिन रेल यात्रियों की यात्रा रद करने से जो नुकसान यात्री को हुआ उसकी भरपाई कैसे होगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

Edited By: Madhukar Kumar