जादूगोड़ा (पूर्वी सिंहभूम), जेएनएन। डेंगू के डंक से कराहते पूर्वी सिंहभूम में एक और मौत डेंगू की वजह हो गई। पीड़ित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय जादूगोड़ा वन की जीवविज्ञान की शिक्षिका काकोली पाल की मौत कोलकाता में इलाज के दौरान हो गई है। उनके निधन से विद्यालय में शोक की लहर दौड़ गई।

ज्ञात हो कि जमशेदपुर मुख्य अस्पताल में इलाज के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई थी। यहां इलाज के दौरान वह कोमा में चली गई थी। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए कोलकाता मुख्य अस्पताल भेजा गया। वहां इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई थी। उनके निधन की खबर से जादूगोड़ा विद्यालय में शिक्षक समेत बच्चों में मातम छा गया। इस संबंध में विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि काकोली पाल जीवविज्ञान की शिक्षिका थी। वह कई ऐसे बच्चों का भविष्य बनाने में सहायक सिद्ध हुईं जो इन दिनों विज्ञान के क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। काकुली पाल को फूलों से काफी प्यार था। यही कारण था कि विद्यालय में बागवानी कार्यक्रम का आयोजन किया करती थी। काकोली पाल आठ साल से परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय में कार्यरत थीं।

डिमना बस्ती में भी फैला डेंगू बुखार, चपेट में कुशवाहा समाज के पदाधिकारी

जमशेदपुर के मानगो के डिमना बस्ती में भी डेंगू फैल गया है। शर्मा लाइन निवासी वीरेंद्र प्रसाद (51) व उनकी बेटी डेंगू के चपेट में हैं। दोनों का इलाज टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार डेंगू के सबसे अधिक मरीज मानगो क्षेत्र से ही मिले हैं। इसे देखते हुए विभाग इस क्षेत्र में विशेष ध्यान दे रहा है। एंटी लार्वा के साथ-साथ फा¨गग भी की जा रही है। वीरेंद्र प्रसाद का कहना है कि उनके क्षेत्र में न तो एंटी लार्वा का छिड़काव हुआ है और न ही फा¨गग। जिला सर्विलांस विभाग की ओर से डेंगू के 50 संदिग्ध मरीजों का नमूना लेकर जांच के लिए महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजा गया है। सोमवार को रिपोर्ट आने की उम्मीद है। शहर में अबतक 242 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। 

Posted By: Rakesh Ranjan

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