जमशेदपुर, जासं। कोरोना से दरपेश असहज हालात एवं इससे उबरने के लिए लाॅकडाउन का असर आटोमोबाइल इंडस्ट्री पर बुरा पड रहा है। देश की बडी वाहन निर्माता कंपनी के टाटा मोटर्स के साथ ही वाहनों के इंजन बनानेवाली कंपनी टाटा कमिंस में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इस वजह से एक के बाद ब्लाॅक क्लोजर लिया जा रहा है। टाटा कमिंस ने एक बार फिर तीन दिनों का ब्लाॅक क्लोजर लिया है। कंपनी बुधवार यानी 19 मई से 21 मई तक बंद रहेगी।

इससे पहले टाटा कमिंस में चार व पांच मई को ब्लॉक-क्लोजर लिया गया था। ब्लाॅक क्लोजर का ताजा सर्कुलर प्रबंधन की ओर से मंगलवार को जारी कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि टाटा कमिंस जमशेदपुर प्लांट एक मई से तीन मई तक पहले ही बंद करने की घोषणा कर चुका था। एक मई को मजदूर दिवस होने से कंपनी में कामकाज नहीं हुआ। दो मई रविवार होने से कर्मचारियों का साप्ताहिक अवकाश के कारण कंपनी बंद रही। तीन मई को कोविड.19 देखते हुए एक दिन का सवैतनिक अवकाश प्रबंधन ने कर्मचारियों को दिया गया था। इसके बाद टाटा मोटर्स की तरह चार और पांच मई को ब्लॉक क्लोजर की घोषणा की गइ थी। इस तरह कंपनी छह मई को खुली।

टाटा मोटर्स में खुला था कमिंस यार्ड

हालांकि ब्लाॅक क्लोजर के बाद भी टाटा मोटर्स का कमिंस यार्ड खुला था। पूर्व में बनी गाड़ियों काे डिस्पैच किया गया था। कंपनी बंदी के बावजूद 213 चेचिस बुक किए गए थे। ये गाड़ियां कंपनी के अंदर बनकर तैयार थी।

टाटा मोटर्स मे अप्रैल-मई में हो चुका है ब्लॉक-क्लोजर

टाटा मोटर्स के उत्पादन में काफी गिरावट आई है। कंपनी में मांग के बावजूद उत्पादन नहीं हो रहा है। रॉ-मैटिरयल की कमी से भी उत्पादन प्रभावित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में तीन बार ब्लाक-क्लोजर हो गया है। बीते 12 मई बुधवार को ब्लॉक-क्लोजर लिया है। इससे पूर्व वित्तीय वर्ष 2021-22 में दो बार ब्लॉक-क्लोजर हो चुका है। 28 व 30 अप्रैल व चार व पांच मई को ब्लॉक-क्लोजर हुआ है।

आदित्यपुर की कंपनियों पर भी असर

टाटा मोटर्स में उत्पादन कम होने का असर टाटा मोटर्स से जुडी आदित्यपुर आैद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों पर सीधा पडता है। इस क्षेत्र की एक हजार से अधिक कंपिनयां पाटर्स बनाती हैं जिसका आर्डर टाटा मोटर्स से मिलता है। टाटा मोटर्स मे ब्लाॅक क्लोजर की वजह से यहां भी उत्पादन बंद हो जाता है जिसका सीधा असर मजदूरों पर पडता है। वे बेरोजगार हो जाते हैं।