जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। रविवार को जमशेदपुर लोकसभा सीट पर होनेवाले मतदान की पूर्व संध्या पर शानिवार शाम करीब सात बजे परसुडीह थाना क्षेत्र के कलियाडीह फुटबॉल मैदान में भाजपा नेता मृगेंद्रनाथ हेम्ब्रम उर्फ होपन (35) की बाइक सवार दो अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। भाजपा नेता को दौड़ा-दौड़ाकर छह गोली मारी गई। आनन-फानन में उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखा बरामद किया है।

होपन घाघीडीह भाजपा मंडल के अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष थे और कलियाडीह स्थित श्रीटाटानगर गौशाला में कार्यरत थे। वे एलआइसी और सहारा कंपनी के एजेंट का भी काम करते थे। घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी प्रभात कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे जमीन को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। पता चला है कि जमीन विवाद में एक पक्ष का समर्थन किए जाने के कारण गोली मारने की वारदात हुई है।

झामुमो समर्थक हिरासत में

चुनाव के एक दिन पहले प्रमुख राजनीतिक पार्टी से जुड़े नेता की हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। हत्या में पुलिस ने कलियाडीह निवासी झामुमो समर्थक दुखी माझी को हिरासत में लिया है। वह हत्या समेत कई मामलों में जेल में बंद डाक्टर टुडू का रिश्तेदार है। पुलिस दुखिया माझी के पुत्र रिंजू मांझी उर्फ पइया, करिया मांझी और घासी राम मांझी की गिरफ्तारी के लिए इलाके में छापामारी कर रही है। दुखिया और धूमा सोरेन के बीच चल रहे जमीन विवाद में भाजपा नेता ने की थी मध्यस्थता कलियाडीह निवासी दुखिया मांझी और धूमा सोरेन के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। गत 4 मई को न्यायालय में दोनों पक्ष उपस्थित भी हुए थे।

जमीन का विवाद

धूमा सोरेन ने बताया कि उसकी जमीन पर दुखिया माझी ने कब्जा कर रखा है। मृगेंद्रनाथ उसके समर्थन में खड़ा रहते थे। मदद करते थे। दुखिया माझी और उसके पुत्रों को यह नागवार लगता था। मृगेंद्रनाथ के परिजनों ने बताया कि दुखिया माझी और उसके पुत्र हमेशा धमकी देते थे। हालांकि मृगेंद्रनाथ ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। परिणाम हत्या के रूप में सामने आया।

जमीन विवाद में झामुमो नेता लखाई हांसदा की हो चुकी है हत्या

जमीन विवाद में ही 19 जनवरी 2014 को झामुमो नेता बागबेड़ा बेड़ाढीपा निवासी लखाई हांसदा की हत्या करनडीह चौक पर बम विस्फोट और गोली मारकर कर दी गई थी। हत्या में डाक्टर टुडू को सजा हुई थी।

फुटबॉल खेलने गए थे हेम्ब्रम

मृगेंद्रनाथ हेम्ब्रम ऊर्फ होपन हर दिन की शनिवार को भी कलियाडीह गौशाला परिसर मैदान में फुटबॉल खेलने अपने सहयोगी धूमा सोरेन समेत अन्य के साथ गए थे। धूमा सोरेन सात बजे खेलने के बाद घर की ओर निकल गया। शाम 7.10 बजे के करीब मृगेंद्रनाथ हेम्ब्रम मैदान से बाहर निकले। पैदल ही गौशाला से 25 मीटर की दूरी पर स्थित अपने घर जाने लगे। तभी बाइक सवार दो अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और उनपर छह गोलियां दाग दी। गोली मारने के बाद वे भाग निकले। मृतक की एक बेटी (दो वर्ष) रागिनी टुडू है। प}ी का नाम रासमुनी टूडू है।

 

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