जमशेदपुर (जासं) । पवित्र तीर्थ स्थल और रामजन्मभूमि अयोध्या  में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर देशभर में उल्लास का माहौल है। वहीं झारखंड में कोरोना के कारण मंदिर एवं हिंदू देवस्थानों में लागू पाबंदियों से राम भक्तों में निराशा है। इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार से त्वरित हस्तक्षेप करने की माँग की है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मंदिरों में विशेष पूजन के लिए राज्य सरकार से मांग की है । उन्होंने कहा कि राज्य के सभी मंदिरों और देवस्थानों को राम जन्मभूमि में मंदिर की आधारशिला रखने के अवसर पर विशेष पूजन, धार्मिक आयोजन, सुंदरकांड पाठ, रामधुन बजाने सहित दीपोत्सव के आयोजन की अनुमति दी जाए।

कुणाल ने कहा कि लोकभावना और प्रभु राम के प्रति अप्रतिम स्नेह व सम्मान की भावना को देखते हुए उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश शासन ने ऐसी व्यवस्था को स्वीकृति दी है। ऐसे में झारखंड सरकार की चुप्पी समझ से परे है। श्रीराम मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय स्वाभिमान का विषय है। श्रीराम सबके हैं, उनके प्रति हर वर्ग, जाति और पंथ के लोगों की अटूट आस्था है। सैकड़ों वर्षों के कठिन परिश्रम, प्रतीक्षा, चुनौतियों और क़ानूनी व्यवधानों को पार कर श्रीराम जन्मभूमि में प्रभु राम के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला रखा जाना सर्वोच्च आस्था का विषय है। देश सहित समूचे विश्व के रामभक्तों के बीच ग़ज़ब का उत्साह और उल्लास है।

ईश्वर के प्रति अटूट और अप्रतिम आस्था कोरोना महामारी पर भारी होती दिखती है। मंदिर निर्माण के शुभ समाचार से समूचे देश में सकारात्मक ऊर्ज़ा का संचार हुआ है। मंदिर के भूमि पूजन का यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, अखंडता और बंधुत्व का भी परिचायक है। भाजपा ने कहा कि झारखंड सरकार को इस आशय में अविलंब हस्तक्षेप करते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता से उचित शासनादेश जारी करना चाहिए, जिससे लोकभावना और आस्था का हर हाल में सम्मान हो सके।

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