जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : कैट पोज इसे मार्जरी आसन भी कहा जाता है। इसे कैट खिंचाव मुद्रा के रूप में भी जाना जाता है। इस आसन को करने से रीढ़ और पीठ की मांसपेशियों का लचीलापन बना रहता है। इस संबंध में जानकारी दे रही हैं शहर की प्रसिद्ध योग एक्सपर्ट रूमा शर्मा। योग एक्सपर्ट कहती हैं कि कैट पोज एक आगे की ओर झुकने और पीछे मुड़ने वाला योग आसन है। कैट वॉक दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन हम योग आसन में कैट पोज के बारे में चर्चा करते हैं। यह आसन करने से आपके शरीर के लिए बेहद लाभदायक है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता है। इसके साथ ही पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है।

कैट पोज करने के फायदे

- कैट पोज आसन एक आगे की ओर झुकने और पीछे मुड़ने वाला योग आसन है। इसके करने से आपके रीढ़ की हड्डी पर खिंचाव पड़ता है। यह खिंचाव आपकी रीढ़ की हड्डी को अधिक लचीला बनने में मदद करता है। इसके अलावा यह आसन रीढ़ की हड्डी को फैलाने और मजबूत करने में भी मदद करता है।

  •  कैट पोज आसन करने से आपके पेट की मांसपेशियों पर भी खिंचाव पड़ता है। जिससे पेट के सभी अंगों की अच्छी मालिश हो जाती है। यह मालिश पेट के अंगों को उत्तेजित करती है, जो कि पाचन क्रिया में सुधार करने में मदद करती है।
  • कैट पोज को करने वाले व्यक्ति को लंबी और गहरी सांस लेना पड़ता है। इससे फेफड़े अच्छी तरह से फैलते हैं। इसके कारण पूरे शरीर में ऑक्सीजन अधिक मात्रा में जाती है, जोकि रक्त परिसंचरण में सुधार करती है।
  • कैट पोज करने के लिए आपको अपनी नाभि को अंदर की ओर खींचना पड़ता है, जो कि लंब समय में आपके पेट से अनावश्यक वसा को कम करने में मदद करता है। इससे आपके पेट की चर्बी कम हो जाएगी। यह आसन धीरे-धीरे लेकिन अवश्य पेट को टोन करने में मदद करता है।
  • कैट पोज तनाव को दूर करने में बहुत मददगार साबित होता है। यह आसन मन को शांत करके मानसिक शांति प्रदान करता है। इसके अलावा इस आसन को करने से आपके कंधे और कलाई दोनों मजबूत होते हैं।
  • कैट पोज आसन का अभ्यास उस स्थिति में नहीं करना चाहिए जबकि आपके कमर में किसी प्रकार की कोई परेशानी हो, घुटनों एवं कलाईयों में माेच या दर्द हो। इस आसन को करते समय शरीर को जितना सहज और लचीला बनाएंगे उतना ही अच्छा होगा।

Edited By: Rakesh Ranjan